शनिवार यानी 7 मार्च 2026 की शाम अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में राजकुमार शर्मा अपने बेटे अभिषेक शर्मा को अभ्यास करते हुए देख रहे थे। दूसरी ओर, ईशान किशन के पिता प्रणव पांडेय की भी यही योजना थी, लेकिन वे अहमदाबाद में बेटे का अभ्यास और बाद में उसकी शानदार बल्लेबाजी देखने की जगह सिलीगुड़ी के एक मुर्दाघर में बैठे थे।
Ishan Kishan ने फाइनल से एक दिन पहले खोए सगे संबंधी
दरअसल, शुक्रवार को जब प्रणव पांडेय पटना एयरपोर्ट के लिए रवाना हो रहे थे, तभी उन्हें एक दर्दनाक कार हादसे की खबर मिली, जिसमें उनके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई। वह परिवार शादी में शामिल होने जा रहा था। उन्होंने मैच से एक दिन पहले कहा कि अनर्थ हो गया। हम लोग बहुत बड़ी मुसीबत में हैं। इस हादसे में ईशान किशन ने अपनी चचेरी बहन और जीजा को खो दिया।
हालांकि, चमत्कारिक रूप से उस दंपती के दो छोटे बच्चे एक छह महीने और दूसरा तीन साल का सुरक्षित बच गए। प्रणव ने बताया कि हम सब सदमे में हैं। ईशान हमसे मिलने आना चाहता था, लेकिन फाइनल के कारण वह लौट नहीं सका। वह बेहद दुखी है।
ईशान किशन ने टूर्नामेंट में लगाई 3 फिफ्टी
फाइनल मैच से पहले अपने परिवार के दो संबंधी को खोने के बावजूद ईशान किशन ने मैदान पर जो टीम इंडिया के लिए प्रदर्शन किया, उसकी जितनी तारीफ की जाए वो कम होगी।
फाइनल मैच में ईशान किशन ने नंबर 3 पर बैटिंग करते हुए 25 गेंद पर 54 रन की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 4 चौके और 4 छक्के निकले। उन्होंने संजू के साथ 48 गेंद पर 105 रन की साझेदारी की। सिर्फ बैटिंग ही नहीं इस खिताबी मुकाबले में ईशान ने कुल तीन अहम कैच पकड़े। उन्होंने रचिन रविंद्र के अलावा टिम सीफर्ट और डैरिल मिचेल का कैच भी पकड़कर उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखाया। इन कैच की वजह से न्यूजीलैंड की टीम मैच में कभी वापसी नहीं कर पाई।
वहीं, पूरे टूर्नामेंट की बात करें तो टी-20 वर्ल्ड कप से पहले आखिरी समय में टीम में चुने गए ओपनर ईशान किशन ने टूर्नामेंट में 3 फिफ्टी लगाई। उन्होंने 9 मैचों में 193.29 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। वे भारत के दूसरे टॉप स्कोरर रहे।

