आरक्षण के खिलाफ संभावित प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और टॉलस्टॉय मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने शहर के कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया है। आज होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर थी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी।
प्रदर्शनकारी जातिगत आरक्षण में संशोधन की मांग कर रहे थे। उनकी मांगों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों को वापस लेना भी शामिल था। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कानून में बदलाव या उसे पूरी तरह हटाने की भी मांग की जा रही थी।
पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। हालांकि, संभावित प्रदर्शन के लिए केवल 10-12 प्रदर्शनकारी ही इकट्ठा हुए। दिल्ली पुलिस ने इन सभी प्रदर्शनकारियों को वैन में भरकर हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
प्रदर्शनकारियों की मांगें जारी
कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। प्रदर्शन के आयोजक हर्ष दुबे ने शनिवार को सभी प्रदर्शनकारियों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण को लेकर उनकी मांग जारी रहेगी।
प्रदर्शन से जुड़े अन्य आयोजक भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से दिल्ली पहुंचने का आग्रह कर रहे हैं। आयोजकों की ओर से बाहर से आने वाले प्रदर्शनकारियों के लिए व्यवस्था की मांग की जा रही है। इसके लिए लोगों से सहयोग करने की अपील भी की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने आज भी किसी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने जंतर मंतर पर एथेनॉल के विरोध में होने वाले एक अन्य प्रदर्शन को भी रद्द कर दिया है।
जंतर मंतर से राजघाट पहुंचे प्रदर्शनकारी
शुक्रवार देर रात जंतर मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह राजघाट चला गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।
हर्ष दुबे की प्रदर्शनकारियों से अपील
प्रदर्शन के आयोजक हर्ष दुबे ने शनिवार को फिर से प्रदर्शनकारियों को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि आरक्षण के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। अन्य आयोजक भी सोशल मीडिया के जरिये लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील कर रहे हैं। आयोजकों ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की मांग की है। इसके लिए आम जनता से सहयोग करने का आग्रह भी किया जा रहा है।


