असम के छपार में 3,200 MW के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की रखी गई आधारशिला

गुवाहाटी/धुबरी, 20 सितंबर 2026: असम के धुबरी जिले के छपार में अडानी पावर लिमिटेड के 3,200 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की आधारशिला रखी गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 20 सितंबर को परियोजना का शिलान्यास किया। करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चार यूनिट में तैयार होगा पावर प्लांट

छपार में बनने वाला यह पावर प्लांट कुल 3,200 MW क्षमता का होगा। इसमें 800 MW की चार यूनिट स्थापित की जाएंगी। परियोजना में अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे उच्च दक्षता वाली बिजली उत्पादन तकनीक के रूप में विकसित किया जा रहा है।

परियोजना को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पहली 800 MW क्षमता दिसंबर 2030 से शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद 2031 में क्षमता बढ़ाई जाएगी और परियोजना की पूरी 3,200 MW क्षमता दिसंबर 2032 तक चालू करने का लक्ष्य है।

48 हजार करोड़ रुपये का निवेश

इस परियोजना में करीब 48,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह असम में अडानी समूह की लगभग 63,000 करोड़ रुपये की बिजली क्षेत्र की निवेश योजना का हिस्सा है। इस व्यापक निवेश में 2,700 MW की संयुक्त क्षमता वाली दो Pumped Storage Projects भी शामिल हैं।

अडानी पावर को नवंबर 2025 में असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) से इस 3,200 MW परियोजना की पूरी क्षमता के लिए Letter of Award मिला था। परियोजना को DBFOO यानी Design, Build, Finance, Own and Operate मॉडल के तहत विकसित किया जाना है।

निर्माण के दौरान 20 हजार रोजगार

परियोजना के निर्माण चरण में 20,000 तक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। प्लांट के संचालन में आने के बाद करीब 5,000 रोजगार उपलब्ध होने का अनुमान है। इसके अलावा स्थानीय ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं, परिवहन संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी अवसर पैदा होने की बात कही गई है।

असम की बिजली क्षमता को मिलेगा विस्तार

प्लांट के चालू होने के बाद इससे असम के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बिजली उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुसार बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों, घरेलू खपत, दूरदराज के इलाकों में विद्युतीकरण और रेलवे विद्युतीकरण के कारण असम में बिजली की मांग बढ़ी है।

छपार परियोजना को असम में ऊर्जा क्षेत्र के बड़े निवेशों में से एक के रूप में देखा जा रहा है। इसके पूरा होने पर यह पूर्वोत्तर क्षेत्र की बिजली उत्पादन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती है।

Related Articles

Back to top button