नागोया, 1 अक्टूबर 2026: जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का पदक अभियान लगातार जारी है। 30 सितंबर की प्रतियोगिताएं समाप्त होने के बाद भारत के खाते में 10 गोल्ड, 21 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज समेत कुल 60 पदक दर्ज हो चुके हैं। मौजूदा पदक तालिका में भारत 8वें स्थान पर है। वहीं चीन 151 गोल्ड, 67 सिल्वर और 59 ब्रॉन्ज सहित कुल 277 पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है।

आपके दिए आंकड़े 10 गोल्ड, 21 सिल्वर, 28 ब्रॉन्ज और 59 पदक अब ताजा उपलब्ध तालिका के मुताबिक अपडेट हो चुके हैं। भारत के कांस्य पदकों की संख्या एक बढ़कर 29 हो गई है और कुल संख्या 60 पहुंच चुकी है। इसी बदलाव के साथ भारत की रैंकिंग भी सातवें के बजाय आठवीं है।
भारत के 60 पदकों में 10 स्वर्ण
भारत ने इस संस्करण में अलग-अलग खेलों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। 60 पदकों में 10 स्वर्ण, 21 रजत और 29 कांस्य शामिल हैं। भारतीय प्रदर्शन में एथलेटिक्स और शूटिंग का बड़ा योगदान रहा है, जबकि कंपाउंड आर्चरी ने 30 सितंबर को भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में तेज इजाफा किया।
मौजूदा खेलवार आंकड़ों के मुताबिक भारत ने एथलेटिक्स में 1 गोल्ड, 9 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज, शूटिंग में 3 गोल्ड, 8 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज तथा आर्चरी में 3 गोल्ड जीते हैं। क्रिकेट और कबड्डी में भी भारत ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
30 सितंबर बना भारत के लिए गोल्डन डे
एशियन गेम्स के 12वें दिन भारत ने चार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड की हैट्रिक की रही। भारतीय महिला टीम, मिश्रित टीम और पुरुष टीम ने अपने-अपने फाइनल जीतकर दिन को खास बना दिया।
महिला कंपाउंड टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, प्रिथिका प्रदीप और चिकिता तनिपर्थी ने चीन को फाइनल में हराकर स्वर्ण जीता। भारतीय टीम का स्कोर 238 रहा, जबकि चीन की टीम 234 अंक तक पहुंची। इस प्रदर्शन के दौरान भारतीय टीम ने फाइनल में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
इसके बाद चिकिता तनिपर्थी और साहिल जाधव की मिश्रित जोड़ी ने भी स्वर्ण पदक जीता। पुरुष कंपाउंड टीम ने भी फाइनल में चीन को हराकर तीसरा गोल्ड भारत की झोली में डाल दिया। इस तरह एक ही दिन कंपाउंड आर्चरी से भारत को तीन स्वर्ण मिले।
शूटिंग में भी मिला एक और गोल्ड
आर्चरी की स्वर्णिम सफलता के बीच शूटिंग में नीरू ढांडा और क्यानन चेन्नई ने मिश्रित ट्रैप टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत की एक दिन में गोल्ड संख्या चार हो गई।
शूटिंग भारत के सबसे सफल खेलों में बनी हुई है। मौजूदा पदक तालिका के अनुसार इस खेल से भारत को 15 पदक—3 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य मिल चुके हैं।
एथलेटिक्स ने भी बढ़ाया भारत का खजाना
भारत के कुल 60 पदकों में एथलेटिक्स का योगदान सबसे बड़ा है। भारतीय एथलीटों ने ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में 24 पदक जीते हैं, जिनमें 1 स्वर्ण, 9 रजत और 14 कांस्य शामिल हैं।
जैवलिन थ्रो में भी भारत को एक साथ रजत और कांस्य पदक मिले। यशवीर सिंह ने रजत और रोहित यादव ने कांस्य पदक अपने नाम किया। दोनों की तस्वीरें पदक समारोह के दौरान सामने आईं।
इसके अलावा एथलेटिक्स की कई अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर कुल तालिका को मजबूत किया है।
कबड्डी और क्रिकेट ने दिलाए गोल्ड
भारत ने टीम स्पोर्ट्स में भी अपनी मौजूदगी मजबूती से दर्ज कराई है। पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं, जिससे अकेले इस खेल से भारत को दो गोल्ड मिले।
महिला क्रिकेट टीम ने भी टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता। इस तरह क्रिकेट का एक स्वर्ण भारत की पदक तालिका में जुड़ा हुआ है।
पुरुष क्रिकेट टीम भी सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उसका सामना पाकिस्तान से होगा। इसका अर्थ है कि क्रिकेट से भारत के पदक खाते में एक और पदक जुड़ना अभी बाकी है।
स्क्वैश में भी भारत का मजबूत प्रदर्शन
स्क्वैश में भारत ने अब तक तीन पदक जीते हैं—दो रजत और एक कांस्य। पुरुष और महिला दोनों टीमों के सेमीफाइनल में पहुंचने के कारण इस खेल से भारत को कम-से-कम दो और पदक मिलने की स्थिति बन चुकी है।
इससे भारत के अंतिम पदक आंकड़े में आने वाले दिनों में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है, हालांकि भविष्य के पदकों को मौजूदा कुल संख्या में जोड़ना अभी उचित नहीं होगा।
भारत की पदक तालिका में आठवां स्थान क्यों?
एशियन गेम्स की पदक तालिका में सामान्यतः गोल्ड की संख्या के आधार पर रैंकिंग तय होती है। अभी भारत के पास 10 गोल्ड हैं। उससे आगे ईरान और बहरीन क्रमशः 11-11 स्वर्ण के साथ हैं। यही कारण है कि कुल 60 पदक होने के बावजूद भारत 8वें स्थान पर है।
भारत के ठीक ऊपर बहरीन के 11 गोल्ड सहित 21 पदक हैं, जबकि भारत के 10 गोल्ड हैं। वहीं भारत के ठीक नीचे कजाकिस्तान 9 गोल्ड के साथ है।
मौजूदा शीर्ष पदक तालिका
| रैंक | देश | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चीन | 151 | 67 | 59 | 277 |
| 2 | जापान | 50 | 77 | 73 | 200 |
| 3 | दक्षिण कोरिया | 24 | 30 | 50 | 104 |
| 4 | उज़्बेकिस्तान | 16 | 19 | 19 | 54 |
| 5 | थाईलैंड | 12 | 10 | 12 | 34 |
| 6 | ईरान | 11 | 16 | 12 | 39 |
| 7 | बहरीन | 11 | 5 | 5 | 21 |
| 8 | भारत | 10 | 21 | 29 | 60 |
| 9 | कजाकिस्तान | 9 | 16 | 31 | 56 |
| 10 | उत्तर कोरिया | 7 | 6 | 7 | 20 |
चीन की बढ़त बेहद बड़ी
पदक तालिका में चीन अभी बाकी देशों से काफी आगे है। मौजूदा अपडेट के अनुसार चीन के पास 151 गोल्ड और कुल 277 पदक हैं। जापान 200 पदकों के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 104 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
चीन की बढ़त खासतौर पर गोल्ड मेडल की संख्या में दिखाई देती है। भारत के 10 गोल्ड के मुकाबले चीन के पास 151 स्वर्ण हैं। इससे दोनों देशों के बीच शीर्ष स्थान और भारत की मौजूदा स्थिति का अंतर साफ दिखाई देता है।
भारत के लिए बाकी दिन क्यों महत्वपूर्ण?
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होना है। प्रतियोगिताओं के अंतिम चरण में अभी कई भारतीय खिलाड़ी और टीमें पदक मुकाबलों में बनी हुई हैं।
महिला हॉकी टीम फाइनल में पहुंच चुकी है और उसका मुकाबला चीन से होना है। स्क्वैश में दोनों भारतीय टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। पुरुष क्रिकेट टीम भी पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में उतरेगी। इन मुकाबलों के नतीजे भारत की अंतिम पदक संख्या पर सीधा असर डालेंगे।
वहीं बॉक्सिंग, कुश्ती, बैडमिंटन और कई अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों की भागीदारी जारी है। इसलिए मौजूदा 60 पदकों का आंकड़ा अंतिम आंकड़ा नहीं है।
भारतीय दल की सबसे बड़ी खासियत क्या रही?
इस बार भारत का प्रदर्शन किसी एक खेल तक सीमित नहीं रहा है। आर्चरी और शूटिंग ने गोल्ड की संख्या बढ़ाई, एथलेटिक्स ने बड़ी संख्या में पदक जोड़े, जबकि कबड्डी और क्रिकेट ने टीम इवेंट में स्वर्ण दिलाया। वुशु, स्क्वैश, बैडमिंटन, रोइंग, टेबल टेनिस, कुश्ती और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में भी भारत के खाते में पदक आए हैं।
वुशु में रोशिबिना देवी ने रजत पदक जीता, जबकि स्क्वैश और अन्य मार्शल आर्ट्स स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम हासिल किए।
आगे बढ़ सकती है भारत की पदक संख्या
मौजूदा स्थिति में भारत के खाते में 10 गोल्ड, 21 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज यानी कुल 60 पदक हैं। कुछ महत्वपूर्ण स्पर्धाओं के फाइनल और सेमीफाइनल अभी बाकी हैं। इसलिए अंतिम दिन तक भारत की कुल पदक संख्या में और इजाफा होना संभव है।
हालांकि, अभी सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि भारत ने 60 पदकों का आंकड़ा छू लिया है और पदक तालिका में आठवें स्थान पर है। चीन 277 पदकों के साथ शीर्ष पर है।
निष्कर्ष
एशियन गेम्स 2026 में भारत का पदक अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। 30 सितंबर के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत ने 10 गोल्ड, 21 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज के साथ कुल 60 पदक हासिल कर लिए हैं। कंपाउंड आर्चरी की गोल्डन हैट्रिक और शूटिंग में स्वर्ण ने भारतीय अभियान को नई गति दी है।
अब क्रिकेट, हॉकी, स्क्वैश और दूसरे खेलों के अहम मुकाबलों पर नजर रहेगी। इनका परिणाम भारत की अंतिम पदक संख्या और एशियन गेम्स 2026 में उसकी स्थिति को निर्धारित करेगा।

