उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड में पूर्व चेतावनी प्रणाली संयंत्र किए जायेंगे स्थापित: सीएम तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बीजापुर राज्य अतिथि गृह में आइसोलेट रहते हुए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये विश्व मौसम विज्ञान दिवस पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए उत्तराखंड में पूर्व चेतावनी प्रणाली संयंत्र स्थापित किए जाने चाहिए। प्राकृतिक आपदाओं पर रोकथाम के लिए केंद्र के सहयोग से चल रही योजनाओं को समय से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री कोरोना पाजिटिव आने के बाद भी लगातार वर्चुअली कामकाज निपटा रहे हैं। उनका कहना है कि संक्रमण की स्थिति में एहतियात बरतना जरूरी है लेकिन संभव हो तो आइसोलेशन में रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करना चाहिए। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मौसम पूर्व चेतावनी संबंधित परियोजनाओं को यथासमय पर पूरा किया जाए ताकि जनता को इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके। आपदा प्रबंधन मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग समय रहते जन समुदाय को चेतावनी प्रदान करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इस कड़ी में मुक्तेश्वर में डाप्लर राडार संचालित हो चुका है तथा सुरकंडा (मसूरी) और लैंसडौन (पौड़ी गढ़वाल) में भी शीघ्र इसे स्थापित कर संचालित कर दिया जाएगा।

सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन एवं मौसम विभाग, उत्तराखंड द्वारा राज्य के संवेदनशील इलाकों में 176 अर्ली वार्निंग वेदर स्टेशन लगाए गए हैं। इनसे मिलने वाली मौसम पूर्व सूचनाओं से आपदा की स्थिति में त्वरित राहत कार्यों को करने में मदद मिलेगी। बैठक में सदस्य सचिव उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सुबुद्धि, अपर सचिव वन एवं पर्यावरण नेहा वर्मा, समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

वन भूमि हस्तांतरण प्रकरण में न हो अनावश्यक विलंब

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों पर अनावश्यक विलंब न किए जाने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी इस प्रकार के प्रकरणों पर नियमित बैठकें करें। उन्होंने प्रमुख सचिव वन को भी अपने स्तर से इस तरह की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण में वन भूमि हस्तांतरण के मामलों को तेजी से निस्तारित किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मामलों का निस्तारण करें। उन्होंने इन प्रकरणों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव वन आनंद वर्द्धन और पीसीसीएफ राजीव भरतरी समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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