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टाटा संस की सहायक कंपनी टैलेस ने संभाला एयर इंडिया का प्रबंधकीय नियंत्रण…

टाटा संस की सहायक कंपनी टैलेस ने गुरुवार को एयर इंडिया का प्रबंधकीय नियंत्रण संभाला। प्रबंधन ने तय किया कि एयर इंडिया को मानव संसाधन जैसी अन्य संपत्तियों के अलावा 140 से अधिक विमान और आठ लोगो मिलेंगे। हालांकि, लेन-देन में 14,718 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि और भवन सहित गैर-प्रमुख संपत्तियां शामिल नहीं हैं, जिन्हें भारत सरकार की एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) को हस्तांतरित किया जाना है।

इसके अलावा, टाटा को एयर इंडिया का विश्व प्रसिद्ध कला संग्रह भी नहीं मिलेगा। फिर भी, समूह को एयर इंडिया एक्सप्रेस के 24 विमानों के अलावा एयर इंडिया को 117 बड़े और कुछ छोटे विमान मिलेंगे। एयर इंडिया के स्वामित्व में बड़ी संख्या में विमान हैं। उसे इन विमानों को 4,000 से अधिक घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय हवाई रूटों पर संचालित करने का भी मौका मिलेगा। इसके अलावा आठ ब्रांड लोगो टाटा को हस्तांतरणीय होंगे, जिन्हें 5 साल की अवधि के लिए रिटेल करना होगा।

जहां तक राजस्व का सवाल है एयर इंडिया के समेकित राजस्व का दो-तिहाई से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजार से आता है। आकर्षक स्लॉट और द्विपक्षीय अधिकारों के साथ उत्तरी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व जैसे भौगोलिक क्षेत्रों में मजबूत स्थिति रखने वाली एयरलाइन अभी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की सबसे बड़ी खिलाड़ी है।

इसके अलावा एयर इंडिया के पास एक फ्रीक्वेंट फ्लायर प्रोग्राम है, जिससे 30 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। समूह को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का कुल टैलेंट पूल मिलेगा, जो स्थायी और संविदा कर्मचारियों सहित 13,000 से अधिक है। केंद्र के साथ हुए समझौते के तहत एक साल तक किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। दूसरे वर्ष में अगर किसी कर्मचारी को हटाना है, तो वीआरएस विकल्प दिया जाएगा।

कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, भविष्य निधि और रिटायरमेंट के बाद चिकित्सा लाभ दिया जाएगा। वित्तीय रूप से टाटा पर 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज रहेगा। उसे नकद घटक के रूप में केंद्र को 2,700 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा। इसके अलावा, टाटा कंपनी को प्रतिदिन 20 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई के उपाय करने की जरूरत होगी। समझौते में तीन साल की व्यापार निरंतरता खंड भी है। टाटा को भी कम से कम एक साल के लिए एयरलाइन में 51 फीसदी हिस्सेदारी बनाए रखनी होगी।

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