Shocking Updates : सिया गोयल पर तीन बड़े खुलासे, केतन को धक्का, करोड़ का सच सामने

महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच हर दिन नए मोड़ ले रही है। लोनावला पुलिस ने हाल ही में लोहागढ़ किले पर घटनास्थल का क्राइम सीन री-क्रिएट किया, जिसमें पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलीं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस दौरान आरोपियों से पूछताछ में घटनाक्रम को दोहराया गया और कई नए तथ्य सामने आए। इसके अलावा, 34 मिनट की कथित फोन कॉल, डिजिटल सबूत, एक करोड़ रुपये की शॉपिंग, उदयपुर ट्रिप और कैब ड्राइवर के बयान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बने हुए हैं।

लोहागढ़ किले पर हुआ क्राइम सीन री-क्रिएशन

लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोम्पे के अनुसार, पुलिस ने रविवार सुबह आरोपियों को लेकर लोहागढ़ किले पर घटनास्थल का क्राइम सीन री-क्रिएट किया। पूछताछ और घटनाक्रम को दोहराने के दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की।

जांच के अनुसार, कथित तौर पर चेतन चौधरी पीछे से आया और केतन अग्रवाल को धक्का दिया। वहीं सिया गोयल उस समय नीचे बैठ गई थी ताकि गिरते वक्त केतन उसे पकड़ न सके। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान केतन का संतुलन बिगड़ा और वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गया।

जूते के फीते बांधने का बहाना और कथित साजिश

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया कथित तौर पर जूते के फीते बांधने के बहाने नीचे बैठी थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपियों ने हत्या के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए थे। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है।

जांच में यह भी कहा गया है कि सिया परिवार के दबाव में केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस ने चेतन चौधरी की मोटरसाइकिल, वारदात के दौरान पहनी गई हुडी और हेडफोन भी बरामद किए हैं, जिन्हें जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।

34 मिनट की फोन कॉल बनी अहम कड़ी

टेक्निकल सर्विलांस टीम को मोबाइल डेटा से कई डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया गया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के मुताबिक, 18 जून को घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच लंबी फोन पर बातचीत हुई थी।

पुलिस का कहना है कि इस बातचीत के दौरान कथित तौर पर केतन की लोकेशन और घटनास्थल पर लोगों की मौजूदगी को लेकर जानकारी साझा की गई थी। इसके अलावा, दोनों आरोपियों द्वारा डिलीट किए गए व्हाट्सऐप चैट, इंस्टाग्राम डेटा और वॉयस नोट्स को गांधीनगर स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की मदद से रिकवर किया गया है। जांच के अनुसार, वारदात के बाद करीब तीन महीने का डिजिटल डेटा डिलीट किया गया था।

स्कूटर, कपड़े बदलने और भागने की कथित योजना

पुलिस जांच के मुताबिक, चेतन चौधरी कथित तौर पर कार की बजाय स्कूटर से लोहागढ़ पहुंचा ताकि टोल प्लाजा के कैमरों में उसकी पहचान दर्ज न हो। जांच में यह भी सामने आया कि उसने घटनास्थल पर अपना लुक बदलने के लिए पहले हुडी पहनी, बाद में काली टी-शर्ट में नजर आया और लौटते समय फिर से हुडी पहन ली।

पुलिस का दावा है कि घटना के बाद चेतन वापस पुणे लौट गया, जबकि सिया मौके पर मौजूद रही और परिजनों तथा पुलिस के पहुंचने तक वहीं रुकी रही।

उदयपुर ट्रिप और 1 करोड़ रुपये की शॉपिंग की जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार, फरवरी में सगाई से पहले सिया और चेतन उदयपुर घूमने गए थे। पुलिस इस ट्रिप को भी जांच के दायरे में रखकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसी दौरान कथित साजिश की योजना बनाई गई थी।

इसके अलावा, पुलिस के पास ऐसे इनपुट भी आए हैं कि सिया ने कथित तौर पर केतन से शॉपिंग के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये लिए थे और यह रकम चेतन के बिजनेस में लगाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

कैब ड्राइवर के बयान भी बने जांच का हिस्सा

जांच में उस कैब ड्राइवर का बयान भी शामिल किया गया है, जिसने 6 जून को सिया और केतन को बाली यात्रा के लिए एयरपोर्ट छोड़ा था। पुलिस उसके बयान के आधार पर दोनों के व्यवहार और आपसी संबंधों से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।

जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल, फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। कई दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मामले में आगे की जांच और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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