आंध्र प्रदेश में बनेगा बड़ा ग्रीनफील्ड शिपयार्ड, Mazagon Dock ने NSHIP-AP से किया समझौता

नई दिल्ली/अमरावती, 18 सितंबर 2026: भारत की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) ने आंध्र प्रदेश के दुगराजपट्टनम (Dugarajapatnam) में ग्रीनफील्ड शिपयार्ड विकसित करने के लिए National Shipbuilding and Heavy Industries Park–Andhra Pradesh (NSHIP-AP) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। समझौते के तहत MDL इस परियोजना में करीब 15,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है।

5 से 7 साल में होगा निवेश

MDL के अनुसार करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश अगले 5 से 7 वर्षों में किया जाएगा। हालांकि, यह निवेश आवश्यक सरकारी मंजूरियों और वैधानिक मंजूरी मिलने के अधीन होगा। इस परियोजना में MDL को Anchor Shipyard की भूमिका दी गई है।

यह MoU आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में MDL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन जगमोहन और NSHIP-AP के प्रबंध निदेशक प्रवीण आदित्य सी.वी. के बीच हुआ।

सालाना 1.2 मिलियन ग्रॉस टन क्षमता

प्रस्तावित शिपयार्ड की शुरुआती डिजाइन क्षमता करीब 1.2 मिलियन ग्रॉस टन (GT) प्रति वर्ष होगी। बाजार की जरूरत के अनुसार भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाई भी जा सकेगी।

शिपयार्ड में विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक जहाज बनाए जाने की योजना है। इनमें टैंकर, बल्क कैरियर, कंटेनर शिप और LNG कैरियर के साथ अन्य विशेष जहाज भी शामिल होंगे।

करीब 45 हजार रोजगार के अवसर

इस परियोजना से आंध्र प्रदेश में लगभग 45,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में जहाज निर्माण से जुड़े सहायक उद्योगों, MSME इकाइयों, तकनीकी सेवाओं और कुशल श्रमिकों के लिए भी अवसर बढ़ सकते हैं।

Dugarajapatnam में बनेगा शिपबिल्डिंग क्लस्टर

यह परियोजना आंध्र प्रदेश के प्रस्तावित Dugarajapatnam Shipbuilding-cum-Port Cluster का हिस्सा है। क्लस्टर लगभग 3,488 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है और यहां करीब 2.1 किलोमीटर का वाटरफ्रंट उपलब्ध है।

राज्य की टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट में शिपबिल्डिंग और शिप-रिपेयर यार्ड की अनुमानित लागत करीब 29,254 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि पोर्ट घटक की अनुमानित लागत करीब 9,513 करोड़ रुपये है।

भारत के शिपबिल्डिंग सेक्टर को मिलेगा विस्तार

Dugarajapatnam परियोजना को भारत की जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने की व्यापक योजना से जोड़ा जा रहा है। MDL के लिए यह परियोजना रक्षा जहाजों और पनडुब्बियों के निर्माण से आगे कमर्शियल शिपबिल्डिंग में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का भी अवसर है।

कुल मिलाकर, 15,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और 1.2 मिलियन GT सालाना क्षमता वाला यह शिपयार्ड आंध्र प्रदेश के समुद्री उद्योग और भारत के शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है।

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