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देश में हर साल 18 हजार से अधिक लोग आगजनी में मारे जाते हैं

मौजूदा स्थिति को देखकर सिर्फ यही कहा जा सकता है, कि आप सुरक्षित नहीं हैं. सरकार, सिस्टम और उसे चलाने वाले अधिकारियों को आपकी जान की फिक्र नहीं है  . इसलिए अब ये ज़िम्मेदारी आपको खुद ही उठानी पड़ेगी . No Objection Certificate एक मज़ाक बन गया है . हमारे समाज और सिस्टम में फैले ‘No Objection’ वाले Virus के कुछ और उदाहरण देखिए. हमारे देश में प्रति वर्ष क़रीब 18 हज़ार लोगों की मौत आग में झुलसने की वजह से होती है . भारत में प्रति वर्ष जितने लोग प्राकृतिक आपदा में मरते हैं . उससे 15 गुना ज़्यादा लोगों की मौत मानवीय भूल की वजह से होती है .

पिछले वर्ष तेज़ रफ्तार से गाड़ी चलाने की वजह से 98 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए .Wrong Side में Driving करने वाले 9 हज़ार 500 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई .शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह से क़रीब 5 हज़ार मौतें हुईं .Driving के वक्त Mobile Phone का इस्तेमाल करने से 3 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए .

पिछले तीन वर्षों में क़रीब 50 हज़ार लोगों की मौत रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर हुई. भारत में हर साल इलाज में होने वाली ग़लतियों की वजह से क़रीब एक लाख लोग मारे जाते हैं . बावजूद इसके लोग नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं . कानून का पालन नहीं करते . हमारे देश का सिस्टम भी सोया रहता है . क्योंकि, सबके दिमाग में ‘No Objection’ वाला Virus घुस गया है. 180 देशों के Annual Corruption Index में भारत 81वें स्थान पर है . और कहीं ना कहीं, इस भ्रष्टतंत्र ने भी ‘No Objection’ वाली सोच को बढ़ावा दिया है. आपने अक्सर देखा होगा कि हमेशा हमारा सिस्टम आग लगने जैसी भीषण घटनाओं के बाद ही नींद से जागता है.

इस मामले में आपकी भी ज़िम्मेदारी बनती है.. अगर आपको ऐसा लग रहा है कि कोई Hospital या Restaurant अपने फायदे के लिए आपकी जान को जोखिम में डाल रहा है.. तो आप उसका वीडियो बनाइये और..संबंधित अधिकारियों को वो वीडियो भेजिए . उसे Social Media पर Share कीजिए. अगर कोई अधिकारी आपकी बात नहीं सुनता है..

तो इसका सीधा सा मतलब ये है कि उसने गैरकानूनी काम को नज़रअंदाज़ करने के लिए रिश्वत ली हुई है. ऐसे में आपको वरिष्ठ अधिकारियों के पास जाना होगा. No Objection’ भारत की राष्ट्रव्यापी समस्या है और इसकी जड़ें देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी मौजूद हैं  . हमारे देश की संसद में भी No Objection है  .

संसद में नारेबाज़ी पर No Objection, संसद में Placards और Posters दिखाने पर No Objection, संसद में शोर मचाने पर पर No Objection, संसद ठप हो जाने पर No Objection, देश का कीमती समय और करोड़ों रुपए बर्बाद करने पर No Objection. आज संसद में Placards और Posters की राजनीति हुई.

एक हफ्ते से संसद में रफाल के मुद्दे पर हंगामा हो रहा है. राजनीतिक दल अलग-अलग मुद्दों पर शोर कर रहे हैं . संसद की मर्यादा की किसी को कोई परवाह नहीं है . यही वजह है कि आज नाराज़ होकर लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन को ये पूछना पड़ा कि क्या हमारे सांसद स्कूली बच्चों से भी गए-गुज़रे हैं ? 

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