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रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल में 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे कर चुके हैं

 दुनिया के सबसे ताकतवर नेता का सवाल सामने आते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम जेहन में आता है. लेकिन इस बार सबसे ताकतवर राष्ट्रपति ट्रंप का नाम कुछ अलग वजह से चर्चा में है. ट्रंप पर हमेशा जिद्दी होने का आरोप लगता है लेकिन इस बार जो आरोप लगा है वह पढ़कर आप सब भी चौक जाएंगे. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप पर इस बार सबसे अधिक झूठ बोलने या अमेरिकी जनता से किए झूठे वादे करने के आरोप लगे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल में 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे कर चुके हैं.

यह रिपोर्ट रविवार को ट्रंप के राष्ट्रपति बने हुए दो साल पूरे होने पर आई है. समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के पहले साल हर दिन औसतन करीब छह बार गुमराह करने वाले दावे किए जबकि दूसरे वर्ष उन्होंने तीन गुना तेजी से हर दिन ऐसे करीब 17 दावे किए.

समाचार पत्र ने अपनी रिपोर्ट में ‘फैक्ट चेकर’ के आंकड़ों का हवाला दिया है. यह फैक्ट चेकर राष्ट्रपति द्वारा दिए गए प्रत्येक संदिग्ध बयान का विश्लेषण, वर्गीकरण और पता लगाने का कार्य करता है. फैक्ट चेकर के आंकड़ों के मुताबिक ट्रंप राष्ट्रपति बनने से लेकर अब तक 8,158 बार झूठे और गुमराह करने वाले दावे कर चुके हैं.

अखबार ने कहा कि इसमें राष्ट्रपति के दूसरे साल किए गए ऐसे 6000 से ज्यादा आश्चर्यजनक दावे शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने सबसे ज्यादा गुमराह करने वाले दावे आव्रजन को लेकर किये हैं. इस संबंध में वह अब तक 1,433 दावे कर चुके हैं जिनमें बीते तीन हफ्तों के दौरान किए गए 300 दावे शामिल हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप विदेश नीति को लेकर 900 दावे कर चुके हैं. इसके बाद व्यापार (854), अर्थव्यवस्था (790) और नौकरियों (755) का नंबर आता है. इसके अलावा अन्य मामलों को लेकर वह 899 बार दावे कर चुके हैं, जिसमें मीडिया और अपने दुश्मन कहे जाने वाले लोगों पर गुमराह करने वाले हमले शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 82 दिन या अपने कार्यकाल के करीब 11 प्रतिशत समय में ही ट्रंप का कोई दावा दर्ज नहीं किया गया. इसमें ज्यादातर वह समय है जिसमें वह गोल्फ खेलने में व्यस्त थे.

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