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चार्जशीट में फिर नया मोड़, दिल्ली के मंत्री ने लॉ सेक्रेटरी को भेजा नोटिस

देश के नामी संस्थानों में शुमार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) में फरवरी, 2016 में हुए देश विरोधी नारेबाजी के मामले में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया समेत 10 छात्रों पर चार्जशीट दायर करने में नया मोड़ आ गया है। दिल्ली सरकार में कानून मंत्री लॉ सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर कहा है कि इस बाबत उन्होंने इससे संबंधित फाइल सीधे होम सेक्रेटरी को क्यों भेजी? 

नोटिस में यह भी कहा है कि ऐसा जानबूझ किया गया, जिससे मंत्री का पक्ष शामिल नहीं हो सके। 

बता दें कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देश विरोधी नारेबाजी के मामले में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया पर मुकदमा चलाए जाने को मंजूरी देने से पहले दिल्ली सरकार कानूनी राय लेगी। दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट सौंपे जाने के बाद दिल्ली सरकार ने यह फाइल कानून विभाग को सौंप दी है। कानून विभाग इसका अध्ययन करने के बाद मुकदमे को लेकर सरकार को मशविरा देगा। एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार के पास इस पर निर्णय लेने के लिए तीन महीने का समय है। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू देशद्रोह मामले में 14 जनवरी 2018 को 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।

इसमें फरवरी 2016 में जेएनयू में एक कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारेबाजी लगाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार, छात्र नेता उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को मुख्य आरोपी बनाया है। इस मामले में इन तीनों को जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, बाद में कोर्ट से इनको जमानत मिल गई थी। तब से तीनों जमानत पर बाहर चल रहे हैं।

इन तीनों के अलावा सात कश्मीरी छात्रों को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें मुजीर (जेएनयू), मुनीर (एएमयू), उमर गुल (जामिया), बशरत अली (जामिया), रईस रसूल (बाहरी), आकिब (बाहरी) और खालिद भट्ट (जेएनयू) शामिल हैं। साथ ही 36 लोगों को कॉलम नंबर 12 में आरोपी बनाया गया है। इन पर घटनास्थल पर मौजूद रहने के आरोप हैं। लेकिन, इनके खिलाफ सबूत नहीं हैं। इन 36 आरोपियों में शेहला राशिद, अपराजिता राजा, रामा नागा, बनज्योत्सना, आशुतोष और ईशान आदि शामिल हैं।

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