देश

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की भारत यात्रा, पाक प्रायोजित आतंकवाद का उठेगा मुद्दा

 सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान आज (मंगलवार) से दो दिनों की भारत यात्रा पर आ रहे हैं, जिस दौरान भारत, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाएगा. साथ ही दोनों देश रक्षा संबंधों में बढ़ोतरी पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें संयुक्त नौसेना अभ्यास शामिल है. यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दक्षिण एशिया के दौरे की शुरुआत में रविवार को इस्लामाबाद पहुंचे शहजादे सोमवार को सऊदी अरब लौट गए थे. भारत ने उनके पाकिस्तान से यहां के दौरे पर आने को लेकर आपत्ति जताई थी.

शहजादे के दौरे से पहले सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल जुबैर ने सोमवार को कहा कि पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को रियाद ‘‘कम’’ कराने का प्रयास करेगा.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब कश्मीर और सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के जुमलों को अब और स्वीकार नहीं कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा शहजादे के बीच बुधवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की होने वाली वार्ता में भारत पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा.

विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव टी एस त्रिमूर्ति ने बताया कि सऊदी नेता के दौरे में दोनों पक्षों के बीच निवेश, पर्यटन, आवास और सूचना तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में पांच समझौतों पर दस्तखत होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि इस दौरे से भारत-सऊदी द्विपक्षीय संबंधों में नये अध्याय की शुरुआत होगी.’’

सीमा पार आतंकवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सऊदी अरब ने पुलवामा में 14 फरवरी को सुरक्षा बलों पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. हम सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक मामलों में उनके सहयोग की सराहना करते हैं.’’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब, भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को जिस तरीके से देखता था उसमें ‘‘बदलाव’’ आया है और शक्तिशाली खाड़ी देश सीमा पार आतंकवाद को बेहतर समझता है.

उधर, सऊदी अरब ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को कम करने का प्रयास किया. सऊदी के विदेश राज्य मंत्री आदिल अल जुबैर ने सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की थी.

अधिकारियों ने बताया कि कुरैशी ने कश्मीर में पुलवामा हमले के बाद हालात के बारे में उन्हें अवगत कराया. जुबैर ने मीडिया से कहा, ‘‘हमारा प्रयास दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव को कम करना है और देखना चाहते हैं कि शांतिपूर्वक मतभेद सुलझाने के लिए आगे क्या कोई रास्ता है.’’

उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के उभार सहित समान तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि दोनों देश अपने-अपने मतभेद सुलझा लें और शांतिपूर्ण संबंध हो‍.’’

सऊदी अरब का पाकिस्तान पर असर है और क्राउन प्रिंस के दो दिन के दौरे के दौरान कम से कम सात एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं और 20 अरब डॉलर के निवेश का समझौता हुआ है. जुबैर की टिप्पणी को तनाव घटाने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान ने विचार-विमर्श के लिए अपने दूत को सोमवार को भारत से बुला लिया.

Related Articles

Back to top button