उत्तर प्रदेशराज्य

एलएलआर अस्पताल (हैलट) के इमरजेंसी ब्लाक में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई

एलएलआर अस्पताल (हैलट) के इमरजेंसी ब्लाक में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब आक्सीजन लगा होने के बाद भी भर्ती मरीजों को घुटन होने लगी। सांसें फूलती रहीं। मेडिसिन, एनस्थीसिया और न्यूरो सर्जरी आइसीयू में परेशान मरीजों की हालत देखकर तीमारदार घबरा गए। कुछ समय तक ऐसे हालात बने रहे, तब पता चला कि आक्सीजन सिलेंडर खत्म होने के चलते लो प्रेशर से समस्या हो रही है। आइसीयू में ड्यूटी कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने आनन फानन में बैकअप सिलेंडरों से आक्सीजन का इंतजाम किया। इसके बाद न्यूरो साइंस सेंटर और आर्थोपेडिक वार्ड से सिलेंडर मंगाकर प्लांट में लगाए गए।

एलएलआर (हैलट) इमरजेंसी के पीछे आक्सीजन प्लांट में 130 सिलेंडर लगते हैं। इमरजेंसी में तीन आइसीयू, पीओपी, इमरजेंसी आपरेशन थियेटर (ओटी) और ट्रामा ओटी हैं, इससे ऑक्सीजन की खपत अधिक है। इसलिए इमरजेंसी ब्लाक में आपूर्तिकर्ता फर्म मुरारी गैस सर्विसेज को सुबह-रात ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति के आदेश हैं। बुधवार रात फर्म ने आक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की। सिलेंडर खत्म होने से सुबह छह बजे ऑक्सीजन का प्रेशर लो हो गया। आइसीयू तथा पहले तल स्थित पोस्ट आपरेटिव वार्डो (पीओपी) में मरीजों को दिक्कत होने लगी। जैसे-जैसे ऑक्सीजन का प्रेशर घटता गया, घुटन बढ़ती गई। जूनियर रेजीडेंट (जेआर) ने बैकअप में रखे सिलेंडरों से आक्सीजन का इंतजाम करा इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) डॉ. सुबोध सिंह को जानकारी दी। ईएमओ ने प्रमुख अधीक्षक को सूचना दी। न्यूरो साइंस सेंटर और न्यू आर्थोपेडिक ब्लाक से बड़े सिलेंडर मंगाए जाने के बाद आक्सीजन की आपूर्ति बहाल हो सकी।

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दर्ज कराएंगे एफआइआर

प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या का कहना है कि पूरी तरह से चूक हुई है। प्लांट की देखभाल करने वाले ठेकेदार तथा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रात में आक्सीजन आपूर्ति नहीं करने के लिए मुरारी गैस सर्विसेज को नोटिस दिया है। इसका संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एफआइआर दर्ज कराएंगे। एक नजर

12 बेड मेडिसिन आइसीयू

06 बेड एनस्थीसिया आइसीयू

08 बेड न्यूरो सर्जरी आइसीयू

18 बेड पीओपी

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इनसेट

किसी मरीज को नहीं हुई कोई दिक्कत : प्राचार्य

जीएसवीएम मेडिकल कालेज की प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी का कहना है कि आक्सीजन सिलेंडर की समस्या की जानकारी मिलने पर सुबह दस बजे इमरजेंसी का निरीक्षण किया। उस समय इमरजेंसीं बैकअप में 22 सिलेंडर थे, उनमें से 16 सिलेंडर का ही इस्तेमाल हुआ था। ऑक्सीजन की कमी से किसी मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई है।

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