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हरियाणा के अतिथि अध्यापकों के लिए बेहद बड़ी खबर है

हरियाणा के अतिथि अध्यापकों के लिए बेहद बड़ी खबर है। उनकी नौकरी पर मंडरा रहा खतरा दूर हो गया है और अब उसकी सेवा नहीं जाएगी। हरियाणा विधानसभा में बुधवार को हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा विधेयक को पारित कर दिया गया। इससे राज्‍य के करीब 14000 अतिथि अध्‍यापकों की नौकरी पक्‍की हो जाएगी।

चुनावों के मद्देनजर यह राज्य की मनोहरलाल सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के अाखिरी दिन मनोहरलाल सरकार ने बड़ा दांव चलते हुए अतिथि अध्‍यापकों को राहत देने का फैसला किया। सरकार ने विधानसभा में हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा विधेयक 2019 पेश किया।

चर्चा के बाद इस विधेयक को पास कर दिया गया। इससे राज्‍य में सेवा से हटाए जाने के खतरे का सामना कर रहे अतिथि अध्‍यापकों की सेवा पक्‍की हो जाएगी। माना जा रहा है कि इस कदम से भाजपा को राज्‍य में अगले चुनावों में फायदा हो सकता है।

इससे पहले मंगलवार को मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने किसानों और कम आय वर्ग के लोगों के लिए बड़ी योजना की घोषणा की थी। परिवार समृद्धि योजना के तहत राज्‍य सरकार पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को केंद्र सरकार की तर्ज पर छह हजार रुपये वार्षिक की राशि देगी। यह राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जानेवाली राशि से अलग होगी। इस तरह इन किसानों को प्रति वर्ष कुल 12 हजार रुपये की राशि मिलेगी। इसके अलावा 15 हजार रुपये से कम की मासिक आय वाले परिवारों को छह हजार रुपये सालाना मिलेंगे।

पंजाब भूमि परिरक्षण संशोधन विधेयक भी पारित

इसके साथ ही हरियाणा विधानसभा में पंजाब भूमि परिरक्षण संशोधन विधेयक 2019 पेश हुआ। इसे भी विधानसभा पारित कर दिया गया। इनेलो और कांग्रेस ने इसका विरोध किया। इनेलो के परमिंद्र ढुल और कांग्रेस की किरण चौधरी ने इस विधेयक को पर्यावरण विरोधी बताया। उन्‍होंने कहा सुप्रीम कोर्ट इसे नहीं मानेगा। यह बिल पास होने से आने वाली पीढ़ियां हरियाणा विधानसभा को कभी माफ़ नहीं करेंगी। कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया।

पलवल से कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल ने कहा कि पीएलपीए बिल को पास कराने में करीब 2000 करोड रुपये का घोटाला किया जा रहा है। इस घोटाले में बिल्डरों का फायदा देने की कोशिश है। भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में यह सबसे बड़ा घोटाला है। यह अरावली की पहाड़ियों को नष्ट करने की साजिश है।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि इस विधेयक में केवल वास्तविक कृषि योग्य भूमि को छोड़ने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान 2031 को भी इसमें छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि रेल सड़क सार्वजनिक ढांचागत विकास को भी छोड़ा जाएगा।

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