उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव का बड़ा बयान, कहा- चुनाव से पहले DGP ओपी सिंह को हटाएं, मायावती जी ने सही मांग की

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने लखनऊ में कोयला व्यापारी के घर पर पुलिस के डकैती में लिप्त होने पर डीजीपी ओपी सिंह को पद से हटाने की मांग की है।

अखिलेश यादव ने आज समाजवादी पार्टी के कार्यालय में दो पुस्तकों का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में तो पुलिस भी चोर हो गई है। पुलिस के पास नागरिकों की हिफाजत करने का काम है, लेकिन यहां तो पुलिसकर्मी ही डकैत तथा हत्यारे हो गए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को पद से हटाने की मांग की है।

लखनऊ में सुल्तानपुर के कोयला कारोबारी के घर पुलिसकर्मियों द्वारा डाली गई डकैती पर सपा सुप्रीमो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस वाले डकैती डालते हैं तो इसके लिए प्रदेश के डीजीपी जिम्मेदार हैं। उन्हें तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में तो पुलिस ही अपराध करने लगी है। यह प्रदेश की पहली सरकार है जहां पुलिस वाले ही डकैती डाल रहे हैं। अब तो इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

अखिलेश यादव ने कहा कि जनता चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रही है। देश में परिवर्तन का रुझान है क्योंकि जनता बहुत परेशान है। पांच वर्षों में न तो युवाओं को नौकरियां मिलीं और न ही किसानों की आमदनी बढ़ी। 2014 में कहा गया था कि विदेशों से सारा कालाधन लेकर आएंगे लेकिन नोटबंदी कर जो धन जनता ने ईमानदारी से कमाया था वह भी बैंकों में जमा करवा लिया।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार हर वायदे को पूरा करने में असफल रही है। आज देश में 40 हजार उद्योगपति देश छोड़ कर जा चुके हैं, बैंक खाली करने वाले उद्योगपति हवाई जहाज में बैठकर निकल गए और सरकार को भनक तक नहीं लगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग अपनी बनाई मेट्रो पर नहीं बैठते, जो काफी ताजुब की बात है।

चरणवार करेंगे प्रचार

चुनाव की तैयारियों पर अखिलेश ने कहा कि मैं यही सोच रहा था कि पहले भाजपा के लोग प्रचार करके थक जाएं तब हम प्रचार करेंगे। फिर बोले, चुनाव की तारीखों की घोषणा होते ही चरणवार ढंग से पार्टी के कार्यक्रम तय करेंगे।

अखिलेश ने दिया बदलाव का नारा

आज शाम होने वाली चुनाव आचार संहिता की घोषणा पर अखिलेश यादव ने कहा कि जनता चुनाव की तारीखों का इंतजार कर रही है। उन्होंने देश में परिवर्तन का रुझान है क्योंकि जनता बहुत परेशान है। पिछले पांच वर्षों में न तो युवाओं को नौकरियां मिलीं और न ही किसानों की आमदनी बढ़ी। उन्होंने कहा कि 2014 में कहा गया था कि विदेशों से सारा कालाधन लेकर आएंगे लेकिन नोटबंदी कर जो धन जनता ने ईमानदारी से कमाया था वह भी बैंकों में जमा करवा लिया।

अखिलेश ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस सरकार ने सेना को राजनीति में घसीटा है। भाजपा के लोग चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि नीरव मोदी जैसे लोग देश की बैंकों को कंगाल कर गए वह देश छोड़कर भाग गए उन्हें नहीं रोका गया और जब मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय जा रहा था तो सरकार ने जाने से रोक दिया।

बैंकों को कंगाल करने वालों को सम्मान सहित भागने दिया

अखिलेश ने प्रयागराज में छात्रसंघ कार्यक्रम में नहीं जाने को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैंकों को कंगाल करके देश छोड़कर भागने वालों को नहीं रोका गया और हमें छात्र संघ कार्यक्रम में नहीं जाने दिया गया। भाजपा ने हमेशा सच्चाई खत्म करने का काम किया। झूठ के सहारे सत्ता कब्जाने की साजिश इस बार कामयाब नहीं होगी। उन्होंने भाजपा पर सेना को राजनीति में घसीटने का आरोप भी लगाया। कहा कि गाय, गंगा व सेना को बदनाम करने वालों को जनता इस बार सबक सिखाने के लिए तैयार है।

भाजपा में जूतों की सलामी

सपा प्रमुख भाजपा सांसद और विधायक में जूतम-पैजार की घटना पर भी अखिलेश चुटकी लेना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि यह जूतों वाली सरकार है। भाजपा सांसद अपने विधायक को 21 जूतों की सलामी देते हैं। यहां जूतों से सलामी देने की परम्परा बनी है।

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