धर्म

जीवन में चूनौती

जीवन मे आने वाले हर चूनौती को स्वीकार करे । अपनी पसंद की चीजो के लिये खर्चा कीजिये। आपको जीवन में जो जो पसंद हे वो सब करो बिना किसी की परवाह किये ।

 

इतना हंसिये के पेट दर्द हो जाये। चाहे सामने कोई भी कुछ भी सोचता रहे..

आप कितना भी बूरा नाचते हो ,फिर भी नाचिये।
उस पल की हर खूशी को महसूस किजिये।..

फोटोज् के लिये पागलों वाली पोज् दिजिये। 
बिलकुल छोटे बच्चे बन जाइये ।

क्योंकि मृत्यु जिंदगी का सबसे बड़ा नुकसान नहीं है।

नुकसान तो वो है के आप जिंदा होकर भी अपने अंदर जिंदगी जीने की आस खत्म कर चुके है।…..

हर पल खूशी से जीने को ही जिंदगी कहते है।

“जिंदगी है छोटी,” हर पल में खुश हूं,
“काम में खुश हूं,” आराम में खुश हू,

“आज पनीर नहीं,” दाल में ही खुश हूं,
“आज गाड़ी नहीं,” पैदल ही खुश हूं,

“दोस्तों का साथ नहीं,” अकेला ही खुश हूं,
“आज कोई नाराज है,” उसके इस अंदाज से ही खुश हूं,

“जिस को देख नहीं सकता,” उसकी आवाज से ही खुश हूं,
“जिसको पा नहीं सकता,” उसको सोच कर ही खुश हूं,

“बीता हुआ कल जा चुका है,” 
उसकी मीठी याद में ही खुश हूं,

“आने वाले कल का पता नहीं,” 
इंतजार में ही खुश हूं,

“हंसता हुआ बीत रहा है पल,” आज में ही खुश हूं,
“जिंदगी है छोटी,” हर पल में खुश हूं,

अगर दिल को छुआ, तो जवाब देना,
वरना बिना जवाब के भी खुश हूं..!!

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