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बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामले में शिक्षा और पुलिस विभाग अब कर रहे खेल

बगैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कक्षा आठ तक कक्षाएं संचालित की जा रहीं। विद्यालय में ज्वलनशील पदार्थ तक रखने पर पाबंदी है लेकिन, घातक विस्फोटक की बरामदगी हुई। इस बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामले में शिक्षा और पुलिस विभाग अब खेल कर रहे। मामला खोड़ारे थाना क्षेत्र के भगवानपुर स्थित ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल का है। यहां रविवार की रात विस्फोट होने के साथ ही शक्तिशाली विस्फोटक जिलेटिन की छड़ें व अन्य उपकरण भी बरामद हुए थे। पहले तो मुकामी पुलिस इस घटना को पचाने की जुगत में लगी रही लेकिन, जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो उसने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर लिया।

इस कार्रवाई में भी हाथ दिखाने से गुरेज नहीं किया गया। विस्फोट और विस्फोटक की बरामदगी के मामले की रिपोर्ट स्कूल प्रबंधक शमशेर आलम से तहरीर लेकर अज्ञात के विरुद्ध दर्ज की गई। सवाल उठ रहे कि विस्फोटक और विस्फोटक बरामदगी जिस परिसर में हुई तो उसकी भूमिका की जांच करने के बजाय वादी मुकदमा कैसे बना लिया गया? ऐसा पुलिस ने तब किया जबकि वह लहसुन बम बरामदगी के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करती है। इतना ही नहीं विशेषज्ञों की जांच से पहले घटनास्थल से छेड़छाड़ कर उसका रूप भी बदल दिया गया। हालांकि स्कूल प्रबंधक का कहना है कि उसे फंसाने के लिए साजिशन विस्फोट किया गया व विस्फोटक रखा गया।

शिक्षा विभाग की कारगुजारी का आलम यह है कि बगैर मान्यता कक्षा आठ तक संचालित इस स्कूल के बारे में उसे शायद जानकारी नहीं थी। विस्फोट की घटना के बाद बीईओ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक छानबीन में पाया कि विद्यालय का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा। इसपर उन्होंने विद्यालय बंद कराने की कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी की। अब सवाल उठता है कि संचालन किसकी शह पर हो रहा था? क्या विभागीय अधिकारी जिम्मेदार नहीं? अबतक मामले में एफआइआर क्यों नहीं दर्ज कराई। बीएसए मनिराम सिंह कहते हैं कि बीईओ ने उक्त विद्यालय कक्षा पांच तक संचालित होना पाया। इस पर नोटिस देकर संचालन बंद कराने की चेतावनी दी गई है।

——-एटीएस व एसटीएस करें जांच: जिलेटिन की छड़ों का इस्तेमाल आमतौर पर खदानों में विस्फोट के लिए किया जाता है। अब सवाल उठता है कि यह छड़ें यहां तक कैसे आईं। कारण यह कोई बाजार में बिकने वाली सामग्री नहीं है। ऐसे में इस बात की आशंका बलवती हो रही कि इसका नक्सलवादियों अथवा देशद्रोही तत्वों से कनेक्शन हो सकता है। कारण इस तरह का विस्फोट भी वही कर सकते जिन्हें इसका ज्ञान हो। ऐसे में आतंकवाद निरोधक दस्ता व स्पेशल टास्कफोर्स को मामले की छानबीन करनी होगी।

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