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पहली बार मां को प्‍लेन में ले जा रहा था बेटा, कंपनी ने कहा खाली करो सीट, जानें मामला

स्पाइस जेट की उड़ान में दिल्ली से आदमपुर जाने वाले तीन यात्रियों को उनकी सीट से उठाकर पीछे की सीट पर भेज दिया गया। इनमें एक महिला भी शामिल है। पीड़ित के मुताबिक सीट पर वीआइपी को बैठाने के लिए उन्हें पीछे की सीट पर भेजा गया था। यात्रियों ने विमानन मंत्रालय से लिखित शिकायत की है।

बहन को छोड़ने के लिए जा रहा था परिवार
पंजाब के जालंधर निवासी अभिषेक चौधरी शेयर मार्केट में काम करते हैं। उनकी बहन को कनाडा जाना था। जिन्हें छोड़ने के लिए वह अपनी मां रेणुका चौधरी, पिता यशपाल चौधरी के साथ आइजीआइ एयरपोर्ट गए थे।

पांच दिन पहले बुक कराया था टिकट
बहन को छोड़ने के बाद वापस जालंधर जाने के लिए उन्होंने स्पाइस जेट की उड़ान संख्या एसजी-8731 से आदमपुर का पांच दिन पहले टिकट बुक कराया था। बोर्डिग के बाद शनिवार को वह माता-पिता के साथ विमान में अपनी सीट पर बैठ गए।

मां को परेशानी ना हो इसके लिए बुक कराई थी आगे की सीट
अभिषेक का कहना है कि उनकी मां का वजन थोड़ा ज्यादा है। वह पहली बार हवाई यात्रा कर रही थीं। उन्हें विमान में परेशानी न हो इसलिए उन्होंने आगे की सीट बुक कराई थी। इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त रुपये भी खर्च किए थे, लेकिन कुछ समय बाद ही क्रू मेंबर ने उन्हें जबरन उनकी सीट से उठाकर सबसे पीछे बैठा दिया। उनकी सीट पर किसी वीआइपी को बैठा दिया गया। इसके कारण उनके माता-पिता और उन्हें काफी परेशानी हुई।

बंद हो वीआइपी कल्‍चर
उन्होंने कहा कि वीआइपी कल्चर बंद होने के बावजूद विमान में इस तरह के व्यवहार से वह बेहद दुखी हैं। वहीं, स्पाइस जेट के प्रवक्ता का कहना है कि विमान का संतुलन बनाए रखने के लिए कई बार कुछ सीट खाली रखनी पड़ती हैं। इस मामले में भी यही हुआ। इस कारण तीनों यात्रियों से पीछे जाने का आग्रह किया गया था। इसके बाद वे स्वेच्छा से पीछे की सीट पर चले गए थे। उनका दावा है कि पूरी यात्रा के दौरान उन यात्रियों की सीट खाली रखी गई थी। जहां तक सीट बुक कराने के रुपये की बात तो वह यात्रियों को वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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