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बजट में समाज के सभी क्षेत्रों और वर्गों का रखा गया पूरा ख्याल -निशंक

बजट में शिक्षा को लेकर जिस तरह से अहमियत और पैसा दोनों ही दिया गया है, उसे लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक काफी उत्साहित दिखे। शनिवार को उन्होंने बजट को लेकर दैनिक जागरण से बातचीत की और बजट से जुड़े सवालों का जवाब दिया। आइए जानते है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने बजट पर अपनी क्या प्रतिक्रिया दी।

सवाल- बजट को कैसे देख रहे है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय को क्या-क्या मिला है?

जवाब- देखिए, इससे अच्छा बजट और कुछ हो नहीं सकता है। बजट में समाज के सभी क्षेत्रों और वर्गो का पूरा ख्याल रखा गया है। इनमें चाहे खेती हो या फिर किसान और स्वास्थ्य सभी का ख्याल रखा गया है। जहां तक शिक्षा का सवाल है, तो स्कूली शिक्षा के लिए पिछली बार के मुकाबले करीब छह फीसद ज्यादा पैसा मिला है। उच्च शिक्षा के बजट में भी 1149 करोड़ की बढ़ोत्तरी हुई है।

सवाल- शिक्षा में भी एफडीआई लाने की अनुमति दे दी गई है। इसे आप किस तरह से देख रहे है?

जवाब- शिक्षा के क्षेत्र में एफडीआई के जरिए निवेश को पहली बार मंजूरी दी गई है। यह काफी बड़ा कदम है। इससे शिक्षा के लिए और पैसा जुटाया जा सकेगा। इनमें अपार संभावनाएं है।

सवाल- बजट में नई शिक्षा नीति का भी जिक्र हुआ है। कब तक इसे ला रहे है?

जवाब- लंबे विचार विचार विमर्श के बाद नई शिक्षा नीति को तैयार किया गया है। फिलहाल इसका काम पूरा हो गया है। जल्द ही हम इसे लाएंगे। यह नीति भारत को केंद्रित, संस्कारयुक्त, गुणवत्तापरक, नवाचार युक्त शिक्षा और रोजगारपरक करने वाली होगी।

सवाल- बजट में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने की योजना को काफी प्रमोट किया गया है। इसके पीछे क्या वजह है?

जवाब- मौजूदा समय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सबसे बड़ी जरूरत है। सरकार पर इस पर ज्यादा फोकस है। यही वजह है कि इसे लेकर चल रही योजना को प्रमुखता से जगह दी गई है। इसके तहत फिलहाल 1413 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है। बाद में इसके लिए और बजट दिया जाएगा।

सवाल- क्या आपके कुछ ऐसे भी प्रस्ताव थे, जिनके बजट में आने की उम्मीद थी और वह हुआ नहीं?

जवाब- नहीं ऐसा कुछ नही है। हमारी सभी योजनाओं को पिछले साल की तुलना में ज्यादा पैसा मिला है। अकेले आइआइटी की बात करें, तो इसके लिए पिछले साल के मुकाबले 14 फीसद से ज्यादा पैसा मिला है। इसी तरह एनआईटी के बजट में भी बढ़ोत्तरी की गई है।

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