क्या ईरान में और बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहे ट्रंप? 

अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स को मिशन पर भेजा है। सेंटकॉम के अनुसार इन विमानों का उद्देश्य ईरान से जुड़े खतरों को खत्म करना है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है। अमेरिकी सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स को मिशन पर भेजा है। इन विमानों का लक्ष्य ईरान से जुड़े खतरों को खत्म करना और भविष्य में उसकी सैन्य क्षमता को फिर से खड़ा होने से रोकना बताया गया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र की सुरक्षा और अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए की जा रही है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया कि बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने लंबी दूरी की मारक क्षमता के साथ मिशन शुरू किया है। सेंटकॉम के अनुसार इस अभियान का मकसद ईरानी शासन से जुड़े उन ठिकानों को निशाना बनाना है जिन्हें संभावित खतरा माना जा रहा है। बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर दुनिया के सबसे आधुनिक बमवर्षक विमानों में गिना जाता है और यह दुश्मन के रडार से बचकर हमला करने में सक्षम है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या है?
अमेरिका के नेतृत्व में चल रहा ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ईरान से जुड़े सैन्य ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का लक्ष्य ऐसे ठिकानों को खत्म करना है जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा पैदा कर सकते हैं। इस अभियान में कई तरह के सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और लंबी दूरी से हमले किए जा रहे हैं।

इराक में अमेरिकी विमान दुर्घटना में क्या हुआ?
इसी अभियान के दौरान 12 मार्च को इराक के पश्चिमी हिस्से में एक अमेरिकी केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेंटकॉम ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी छह सैनिकों की मौत हो गई। यह विमान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के समर्थन में उड़ान भर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हादसा उस समय हुआ जब विमान मित्र देश के हवाई क्षेत्र में उड़ रहा था।

क्या विमान को किसी हमले में गिराया गया था?
अमेरिकी सेना का कहना है कि विमान दुर्घटना किसी दुश्मन के हमले या दोस्ताना गोलीबारी की वजह से नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार घटना के कारणों की जांच की जा रही है। विमान के गिरने के समय दो विमान अभियान में शामिल थे। इनमें से एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया जबकि दूसरा सुरक्षित लैंड करने में सफल रहा।

ईरान की ओर से क्या दावा किया गया?
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान को पश्चिमी इराक में प्रतिरोधी समूहों की ओर से दागी गई मिसाइल से गिराया गया। ईरान से जुड़े सूत्रों ने कहा कि विमान उस समय एक लड़ाकू विमान को ईंधन दे रहा था। हालांकि अमेरिका ने इन दावों को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि हादसे की वजह तकनीकी या अन्य कारण हो सकते हैं।

सैनिकों की पहचान अभी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
अमेरिकी सेना ने कहा है कि हादसे में मारे गए सैनिकों के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। सेना की नीति के अनुसार पहले उनके परिवारों को आधिकारिक सूचना दी जाती है। इसके बाद ही नाम जारी किए जाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और घटना की पूरी जांच जारी है।

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