भारत सरकार ने जारी किया देश का पहला सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP), सेवा क्षेत्र की मासिक प्रगति पर अब मिलेगी सटीक निगरानी

नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश का पहला ‘सेवा उत्पादन सूचकांक’ (Index of Services Production – ISP) जारी किया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी यह ट्रायल (Trial) मासिक सूचकांक पहली बार भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र (Formal Services Sector) की वास्तविक उत्पादन गतिविधियों को मापेगा। अब तक उद्योग क्षेत्र की निगरानी के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) उपलब्ध था, लेकिन सेवा क्षेत्र के लिए ऐसा कोई समर्पित मासिक सूचकांक नहीं था।

भारत की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद अब तक इस क्षेत्र की मासिक प्रगति को मापने के लिए कोई व्यापक उत्पादन आधारित सूचकांक उपलब्ध नहीं था। नया ISP इस कमी को दूर करेगा और सरकार, उद्योग तथा निवेशकों को सेवा क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का समय पर आकलन करने में मदद करेगा।

सरकार ने फिलहाल अप्रैल 2026 के लिए पहला ट्रायल सूचकांक जारी किया है। यह आधार वर्ष 2024-25 पर आधारित है और 19 औपचारिक सेवा उप-क्षेत्रों को शामिल करता है। इन उप-क्षेत्रों की संयुक्त हिस्सेदारी भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र का लगभग 60 प्रतिशत है। मंत्रालय आगे डेटा कवरेज और पद्धति को और मजबूत करने के बाद समग्र (Overall) ISP को नियमित रूप से जारी करेगा।

जारी आंकड़ों के अनुसार 19 में से 14 उप-क्षेत्रों ने अप्रैल 2026 में दहाई (Double-digit) वृद्धि दर्ज की, जो सेवा क्षेत्र में मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत है। विशेष रूप से आवास एवं खाद्य सेवाएं (Accommodation & Food Services), खुदरा व्यापार, आतिथ्य, परिवहन और अन्य व्यावसायिक सेवाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

यह सूचकांक प्रशासनिक आंकड़ों (Administrative Data), वास्तविक उत्पादन संकेतकों तथा उपयुक्त मूल्य समायोजन (Deflation) के आधार पर तैयार किया गया है, जिससे सेवा क्षेत्र की वास्तविक वृद्धि का अधिक विश्वसनीय आकलन संभव हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सूचकांक भारतीय अर्थव्यवस्था की निगरानी, मौद्रिक नीति निर्माण, निवेश विश्लेषण और आर्थिक पूर्वानुमान को अधिक सटीक बनाएगा।

MoSPI ने स्पष्ट किया है कि यह फिलहाल ट्रायल सीरीज़ है। विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर इसकी कार्यप्रणाली को और परिष्कृत किया जाएगा। इसके बाद इसे नियमित आधिकारिक आर्थिक संकेतक के रूप में जारी किया जाएगा। मंत्रालय प्रत्येक माह लगभग 60 दिनों की समय-सीमा के साथ ट्रायल ISP जारी करने की योजना पर काम कर रहा है।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार सेवा उत्पादन सूचकांक की शुरुआत भारत के सांख्यिकीय तंत्र में एक ऐतिहासिक सुधार है। इससे सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का उच्च-आवृत्ति (High-frequency) विश्लेषण संभव होगा, ठीक उसी प्रकार जैसे IIP उद्योग क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित हुआ है। यह कदम भारत की तेजी से बढ़ती सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से समझने और नीति निर्माण को अधिक डेटा-आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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