बुलंदशहर। बुलंदशहर में 11 वर्षीय छात्रा चारु कश्यप के लापता होने का मामला लगातार चिंता बढ़ा रहा है। 28 जुलाई को नाले में बह गई कक्षा चार की छात्रा का 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। बच्ची की तलाश में प्रशासन ने अब खोज अभियान और तेज कर दिया है।

बच्ची की तलाश के लिए बागपत से छह सदस्यीय गोताखोरों की विशेष टीम बुलाई गई है, जो पिछले कई घंटों से काली नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
5 किलोमीटर तक नदी का इलाका खंगाला
गोताखोरों की टीम घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर तक काली नदी के पूरे क्षेत्र में तलाश अभियान चला रही है। नदी के भीतर गहराई तक खोज के साथ-साथ किनारों पर मौजूद घनी झाड़ियों और जलकुंभी वाले इलाकों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
रेस्क्यू टीम को आशंका है कि तेज बहाव के कारण बच्ची काफी दूर तक बह गई हो सकती है। इसी वजह से खोज का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
झाड़ियों और किनारों पर भी चल रही तलाश
सिर्फ नदी के पानी में ही नहीं, बल्कि नदी किनारे मौजूद झाड़ियों, दलदली हिस्सों और मलबे में भी गोताखोरों द्वारा सघन तलाशी ली जा रही है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जब तक बच्ची का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
चारु का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन लगातार घटनास्थल और नदी किनारे मौजूद हैं और हर गुजरते पल के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
परिवार ने प्रशासन से खोज अभियान और तेज करने की अपील की है ताकि बच्ची का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
स्थानीय लोग भी कर रहे मदद
घटना के बाद स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ मिलकर तलाश अभियान में सहयोग कर रहे हैं। कई ग्रामीण लगातार नदी किनारे निगरानी कर रहे हैं ताकि यदि कोई सुराग मिले तो तुरंत पुलिस और गोताखोरों को सूचना दी जा सके।
प्रशासन की निगरानी में अभियान
नगर कोतवाली पुलिस, स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम पूरे अभियान की निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर संभावित स्थान पर तलाश की जा रही है और किसी भी सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
कहां का है मामला?
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला साठा का है, जहां 11 वर्षीय छात्रा चारु कश्यप नाले में बह गई थी।
निष्कर्ष
चारु कश्यप के लापता होने के 72 घंटे बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलना परिवार और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। बागपत से आई गोताखोरों की टीम काली नदी में लगातार तलाश कर रही है। पूरे इलाके की नजर अब इस रेस्क्यू अभियान पर टिकी हुई है और सभी बच्ची के जल्द मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।


