हनुमान जी वो अनोखा मंदिर, जहां 60 सालों से बिना थमे चल रहा है राम नाम का अखंड जाप

हिंदू धर्म में हनुमान जी को अत्यंत पूजनीय देवताओं में गिना जाता है, क्योंकि उनके बारे में बताया जाता है कि, वो कलियुग के देवता हैं। भारत में हनुमान जी से जुड़े कई ऐसे चमत्कारिक मंदिर हैं, जो अपने आप में कई रहस्यों को समेटे हुए हैं।

लेकिन आज हम आपको हनुमान जी के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां भगवान से ज्यादा उनकी भक्ति करने का तरीका प्रसिद्ध है। आपको जानकार हैरानी होगी कि, हनुमान जी का एक ऐसा भी मंदिर है, जहां 60 सालों से लगातार बिना रुके राम नाम का कीर्तन हो रहा है। आइए जानते हैं क्या है इस अखंड कीर्तन के पीछे की कहानी?

गुजरात के जामनगर में है भगवान हनुमान का मंदिर
गुजरात के जामनगर में रणमल झील जिसे ‘लखोटा झील भी कहा जाता है’ के दक्षिण पूर्व में बसा है भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी का ‘श्री बाल हनुमान संकीर्तन मंदिर’ जो भगवान राम, माता सीता, भाई लक्ष्मण और प्रभु हनुमान को समर्पित है। 6 दशक पहले यानी 1 अगस्त 1964 से लगातार मंदिर परिसर में दिन हो या रात रामधुन ‘श्रीराम, जय राम, जय जय राम,’ का जाप होता रहता है।

चौबीसों घंटों चलने वाली इस अनोखी कीर्तन परंपरा को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए लोगों के बीच भी इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था है, उनका मानना है कि यह मंदिर उन्हें प्राकृतिक आपदाओं और अन्य परेशानियों से बचाने में मदद करता है। मंदिर में सुबह और शाम दो बार आरती होती है। शाम की आरती के दौरान भक्तों की भीड़ आमतौर पर सुबह की तुलना में ज्यादा होती है।

मंदिर से जुड़े प्रमुख त्यौहार
श्री बाल हनुमान संकीर्तन मंदिर में रामनवमी, हनुमान जयंती और दशहरा जैसे त्योहार बड़ी भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा मंदिर में होने वाला निरंतर कीर्तन भी अपने आप में एक भव्य कार्यक्रम है, जिसमें शामिल होने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। इसके साथ ही यह मंदिर पूरी रात खुला होता है, ताकि बाहरी लोग मंदिर में रुककर कीर्तन और विश्राम कर सके।

जामनगर के अलावा मंदिर कहां है?
श्री बाला हनुमान संकीर्तन मंदिर काफी प्राचीन है, जिसकी स्थापना श्री प्रेमभिक्षुजी महाराज ने 1963-64 में की थी। 24 घंटे राम नाम का जाप न सिर्फ जामनगर में होता है, बल्कि जामनगर समेत देश के 7 अलग-अलग शहरों में भी ऐसा ही मंदिर है।

गुजरात के जामनगर, द्वारका, राजकोट, पोरबंदर, महुवा, जूनागढ़ और मुजफ्फरपुर जैसे अलग-अलग केंद्रों में भगवान राम के नाम का जाप होता है। इन सभी मंदिरों की शुरुआत श्री प्रेमभिक्षुजी महाराज के नाम पर ही की गई है। इसके अलावा खंभालिया, भाटिया जैसे तमाम शहरों और 40 से ज्यादा अलग-अलग केंद्रों में रोजाना कुछ समय के लिए राम नाम का जाप किया जाता है।

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