सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि 2025 में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा शिकायतें जिन शीर्ष दस ई-कामर्स कंपनियों के खिलाफ दर्ज की गई हैं, उनमें फ्लिपकार्ट, अमेजन और मीशो शामिल हैं।
उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने लोकसभा में इस सूची में शामिल अन्य प्लेटफार्म मिंत्रा, नेटमेड्स, जेप्टो, ब्लिंकिट, नापतोल, वीएलई बाजार और नायका थे।
फ्लिपकार्ट के खिलाफ सबसे ज्यादा 1.33 लाख शिकायतें आईं। इसके बाद अमेजन (91,248), मीशो (29,284), मिंत्रा (25,384), नेटमेड्स (19,895), जेप्टो (5,774), ब्लिंकिट (5,102), नापतोल (4,079), वीएलई बाजार (3,907) और नायका (3,405) का नंबर रहा।
मंत्री ने कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 47 ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर लगभग 1,12,01,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
वर्मा ने कहा कि एनसीएच ने 25 अप्रैल, 2025 और 30 जून, 2026 के बीच उपभोक्ताओं को 91 करोड़ रुपये से अधिक की वापसी की सुविधा प्रदान की, जिसमें से 63 करोड़ रुपये से अधिक ई-कॉमर्स क्षेत्र में शिकायतों से संबंधित थे।
उन्होंने बताया कि मुकदमेबाजी से पहले ही धन वापसी दावों से संबंधित 1,47,000 से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का समाधान करके यह उपलब्धि हासिल की गई।
मंत्री ने आगे बताया कि 2025 में एनसीएच पर त्वरित वाणिज्य से संबंधित कुल 5.11 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से सभी का निपटारा कर दिया गया। 2025 में उत्पादों की गैर-डिलीवरी शिकायतों की सबसे बड़ी श्रेणी थी, जिसमें 79,818 मामले दर्ज किए गए।
अन्य आम शिकायतों में गलत उत्पाद की डिलीवरी, नीति के अनुसार प्रतिस्थापन या धन वापसी से इनकार, दोषपूर्ण या क्षतिग्रस्त वस्तुओं की डिलीवरी, भुगतान की गई राशि की वापसी न होना, सेवाओं में कमी, नकली या जाली उत्पादों की बिक्री और उपभोक्ता की सहमति के बिना अनधिकृत रूप से राशि डेबिट करना शामिल थे।


