Gold-Silver ETF: सोने-चांदी के ETF में 4% तक की बड़ी गिरावट, जानें क्यों अचानक आई बिकवाली

आज यानी 31 अगस्त 2026 को गोल्ड और सिल्वर ETF में भारी बिकवाली देखने को मिली। कई गोल्ड और सिल्वर ETF के दाम शुरुआती कारोबार में करीब 4% तक गिर गए। चांदी से जुड़े ETF में गिरावट ज्यादा तेज रही, जबकि गोल्ड ETF भी दबाव में कारोबार करते नजर आए।

बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता बताई जा रही है। फेड चेयर केविन वार्श की सख्त टिप्पणियों के बाद निवेशकों को सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। इसका असर दुनियाभर के कीमती धातु बाजार पर देखने को मिला।

Silver ETF में सबसे ज्यादा दबाव

सोमवार के कारोबार में सिल्वर ETF में तेज गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक SBI Silver ETF करीब 4.05% और Nippon India Silver ETF (Silver BeES) करीब 4.06% तक नीचे आया। वहीं Tata Silver ETF में लगभग 3.98% और ICICI Prudential Silver ETF में करीब 3.87% की गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट से सिल्वर ETF में निवेश करने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ी है। हालांकि ETF की कीमतों में एक दिन की गिरावट को देखकर लंबी अवधि के निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Gold ETF भी लाल निशान में

सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि गोल्ड ETF में भी बिकवाली का दबाव रहा। ICICI Prudential Gold ETF करीब 3.59%, SBI Gold ETF लगभग 3.50% और Nippon India ETF Gold BeES करीब 3.48% नीचे आया। Tata Gold ETF में भी लगभग 3.19% की गिरावट दर्ज की गई।

🇺🇸 फेड के फैसले का क्यों पड़ रहा है असर?

गोल्ड और सिल्वर को आम तौर पर ऐसे एसेट के तौर पर देखा जाता है, जिनसे नियमित ब्याज आय नहीं मिलती। ऐसे में जब अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की संभावना बढ़ती है तो बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत हो सकते हैं। इससे सोने-चांदी जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट की आकर्षकता पर दबाव पड़ता है।

फेड चेयर केविन वार्श की महंगाई को नियंत्रित करने पर सख्त टिप्पणी के बाद बाजार में सितंबर की बैठक में दर बढ़ने की संभावना को लेकर दांव बढ़े हैं। Reuters के अनुसार, सितंबर में दर बढ़ने की बाजार-आधारित संभावना बढ़कर करीब 62% तक पहुंच गई थी।

घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर

ETF में गिरावट के साथ घरेलू कमोडिटी बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिला। सोमवार सुबह करीब 9:10 बजे MCX पर सोना लगभग 1.14% गिरकर ₹1,54,496 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी वायदा करीब 1.28% नीचे ₹2,39,341 प्रति किलोग्राम पर था।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बावजूद अगस्त महीने में सोना अब भी मजबूत बढ़त पर है। Reuters के मुताबिक अगस्त में स्पॉट गोल्ड करीब 10% से ज्यादा चढ़ा है, इसलिए आज की गिरावट को हालिया तेजी के बीच आई एक तेज correction के तौर पर भी देखा जा रहा है।

क्या ETF में निवेश करने वालों को घबराना चाहिए?

एक दिन में 3-4% की गिरावट निश्चित तौर पर बड़ी लग सकती है, लेकिन Gold और Silver ETF की कीमतें भी बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती हैं। इसलिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।

निवेशकों को फेड की आगामी नीतिगत बैठक, अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए। इन कारकों का असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।

यानी आज की गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू मांग नहीं, बल्कि वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें भी बड़ी वजह हैं।

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