Congress CWC Meeting 2026: चुनाव आयोग विवाद पर कांग्रेस की CWC बैठक, आगे की रणनीति पर मंथन

नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस की कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दिल्ली में हुई। बैठक में पार्टी नेतृत्व ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस की बैठक

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई CWC बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई। बैठक का प्रमुख एजेंडा चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद और SIR प्रक्रिया रहा।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची और SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जांच और चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग उठाई है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें क्या हैं?

CWC बैठक में खरगे ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता सूची में हुए बदलावों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग रखी। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने वाले मतदाताओं के लिए अपील का अवसर और राजनीतिक दलों को चुनावी रोल उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी उठाई हैं।

कांग्रेस की ओर से गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग भी सामने आई है। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है।

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय सामने आने को सामान्य प्रक्रिया बताया है। आयोग का कहना है कि उसके फैसले स्थापित वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। इसलिए आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर सामने आए दावों और आयोग के आधिकारिक रुख को अलग-अलग देखना जरूरी है।

30 सितंबर को INDIA ब्लॉक की बैठक

CWC बैठक के अगले दिन 30 सितंबर को विपक्षी INDIA ब्लॉक की बैठक होने की भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दे पर विपक्षी दल इस बैठक में अपनी आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

इस तरह 29 सितंबर की CWC बैठक को कांग्रेस की आंतरिक रणनीति तय करने और उसके बाद विपक्षी दलों के साथ इस मुद्दे पर आगे की दिशा तय करने के क्रम में देखा जा रहा है।

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