मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन का ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ 3 अक्टूबर को दूसरे दिन भी जारी है। गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला स्तर पर मार्च और प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत विपक्षी दलों के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालयों तक मार्च कर ज्ञापन और प्रदर्शन कर रहे हैं।

चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष का विरोध
INDIA गठबंधन की 30 सितंबर को हुई बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति तय की गई थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों में बदलाव और नाम हटाए जाने की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। गठबंधन ने SIR से पहले की मतदाता सूची को सुरक्षित रखने और किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उचित नोटिस तथा अपील का अवसर देने की मांग भी उठाई है।
विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी लगातार दोहराई जा रही है। वहीं, इन आरोपों और विपक्ष की राजनीतिक व्याख्याओं को चुनाव आयोग तथा सरकार की ओर से खारिज किया गया है। इसलिए ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों को आरोप के रूप में ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए, स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।
दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत
2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और अन्य समूहों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए तथा CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बनी। विभिन्न रिपोर्टों में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है, इसलिए इसे स्थानीय पुलिस के आंकड़ों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
मुंबई में भी विरोध
मुंबई के शिवाजी पार्क में भी 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। यहां प्रदर्शनकारियों ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए। मुंबई पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिए जाने की बात सामने आई है।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
INDIA गठबंधन ने जिला स्तर के आंदोलनों के अलावा 6 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च का कार्यक्रम भी घोषित किया है। इसके बाद आंदोलन का अगला चरण गठबंधन की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाने और जिला स्तर पर सहयोगी दलों के साथ मार्च निकालने की घोषणा की है। कार्यक्रम में जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचकर प्रदर्शन और ज्ञापन देने की योजना बताई गई है।


