केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार की लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) और स्मार्ट बार्डर पहल मिलकर एक अभेद्य और सुरक्षित सीमा का निर्माण करेंगी, जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
देश के सभी लैंड पोर्ट के संचालन को आधुनिक बनाने और सुव्यवस्थित करने के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म, एलपीएमएस के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में 11 और लैंड पोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिससे कुल संख्या 26 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की अवधारणा 2012 में उभरी और 2012 से 2014 के बीच इसे साकार रूप दिया गया।
शाह ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में इसे एक नई दिशा मिली। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास, वैध व्यापार को बढ़ावा देने और प्रवासन जैसी चुनौतियों का समाधान खोजने में भूमि बंदरगाहों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शाह ने कहा कि एलपीएमएस के शुभारंभ से सिंगल विंडो मंजूरी के माध्यम से 90 प्रतिशत कागजी कार्रवाई और 40 से 60 प्रतिशत प्रतीक्षा समय समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय स्मार्ट बार्डर की अवधारणा के साथ भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए चार सूत्री रणनीति पर काम कर रहा है, जिसमें भूमि बंदरगाह प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
शाह ने कहा कि एलपीएमएस में सभी हितधारकों की आवश्यकताओं के साथ-साथ सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि एलपीएमएस का शुभारंभ एक ऐतिहासिक दिन पर हो रहा है, जब मोदी ने देश की सेवा में 12 वर्ष पूरे किए हैं।



