नई दिल्ली। भारत में हर कमाई करने वाले व्यक्ति को आयकर (Income Tax) के नियमों का पालन करना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसा राज्य भी है जहां कुछ मूल निवासियों को इनकम टैक्स से विशेष छूट मिली हुई है? यह राज्य है सिक्किम, जिसे भारत में विलय के समय मिले विशेष संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के कारण यह लाभ प्राप्त है।

हालांकि, यह छूट सिक्किम के सभी लोगों पर लागू नहीं होती, बल्कि केवल उन लोगों पर लागू होती है जो कानून में निर्धारित “सिक्किमी” (Sikkimese) की श्रेणी में आते हैं।
क्यों खास है सिक्किम?
सिक्किम वर्ष 1975 में भारत का 22वां राज्य बना था। भारत में विलय के दौरान वहां की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए विशेष संवैधानिक प्रावधान किए गए।
इसी उद्देश्य से संविधान में अनुच्छेद 371F जोड़ा गया, जिसके तहत सिक्किम के लिए कुछ विशेष अधिकार और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
किस कानून के तहत मिलती है टैक्स छूट?
सिक्किम के पात्र मूल निवासियों को आयकर में छूट Income Tax Act, 1961 की धारा 10(26AAA) के तहत दी गई है।
इस प्रावधान के अनुसार निर्धारित “सिक्किमी” व्यक्तियों की कुछ आय पर आयकर नहीं लगाया जाता।
किन लोगों को मिलता है फायदा?
इस विशेष छूट का लाभ उन्हीं लोगों को मिलता है जो कानून के अनुसार सिक्किमी (Sikkimese) माने जाते हैं।
आम तौर पर इसमें शामिल हैं—
- सिक्किम के मान्यता प्राप्त मूल निवासी।
- वे व्यक्ति जिनका नाम निर्धारित रजिस्टर में दर्ज है।
- वे परिवार जिन्हें संबंधित कानूनी मानदंडों के तहत सिक्किमी नागरिक का दर्जा प्राप्त है।
क्या राज्य के हर व्यक्ति को नहीं देना पड़ता टैक्स?
नहीं।
यह एक आम गलतफहमी है कि सिक्किम में रहने वाला हर व्यक्ति Income Tax से मुक्त है।
असलियत यह है कि—
- केवल पात्र “सिक्किमी” व्यक्तियों को ही विशेष छूट मिलती है।
- अन्य भारतीय नागरिकों पर सामान्य आयकर नियम लागू हो सकते हैं।
- यदि कोई व्यक्ति सिक्किम में रह रहा है लेकिन कानून के अनुसार “सिक्किमी” की श्रेणी में नहीं आता, तो उस पर सामान्य आयकर नियम लागू हो सकते हैं।
सरकार ने क्यों दी यह विशेष सुविधा?
विशेषज्ञों के अनुसार इस छूट का उद्देश्य था—
- सिक्किम की पारंपरिक पहचान की रक्षा करना।
- राज्य के विलय के समय किए गए समझौतों का सम्मान करना।
- स्थानीय आबादी के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा करना।
क्या यह छूट हमेशा रहेगी?
यह प्रावधान वर्तमान में कानून का हिस्सा है। हालांकि किसी भी कर संबंधी व्यवस्था में बदलाव संसद द्वारा कानून में संशोधन के माध्यम से ही किया जा सकता है।
क्या इसका असर दूसरे राज्यों पर पड़ता है?
नहीं।
यह एक विशेष प्रावधान है जो केवल सिक्किम और कानून में परिभाषित पात्र व्यक्तियों पर लागू होता है। भारत के अन्य राज्यों में रहने वाले नागरिकों पर सामान्य आयकर कानून लागू होते हैं।
निष्कर्ष
भारत में सिक्किम एक ऐसा राज्य है जहां कुछ मूल निवासियों को विशेष कानूनी प्रावधानों के तहत Income Tax से छूट प्राप्त है। यह सुविधा संविधान के विशेष प्रावधान और Income Tax Act की धारा 10(26AAA) के आधार पर दी जाती है। हालांकि यह छूट सभी निवासियों को नहीं, बल्कि केवल पात्र “सिक्किमी” व्यक्तियों को ही उपलब्ध है।


