भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को पिछले कारोबारी सत्र की भारी गिरावट के बाद मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 245 अंक की बढ़त के साथ 74,249.31 के स्तर पर खुला, जबकि Nifty 50 करीब 83 अंक चढ़कर 23,201.60 के आसपास पहुंच गया। बाजार में यह तेजी मंगलवार की बिकवाली के बाद रिकवरी के तौर पर देखी जा रही है।

मंगलवार को बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
इससे पहले मंगलवार, 15 सितंबर को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी। Sensex 777.94 अंक यानी 1.04% गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ था। वहीं Nifty 50 में 279.50 अंकों यानी करीब 1.19% की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,118.60 पर बंद हुआ। निफ्टी का यह करीब पांच महीने का निचला बंद स्तर था।
मंगलवार की गिरावट के पीछे बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और वैश्विक बाजारों में बनी अनिश्चितता जैसे कारण प्रमुख रहे।
आज बाजार में क्यों लौटी खरीदारी?
बुधवार की शुरुआत में निवेशकों ने मंगलवार की तेज गिरावट के बाद कुछ शेयरों में खरीदारी की। शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, HCL Tech, ITC और SBI जैसे प्रमुख शेयरों में मजबूती देखी गई।
हालांकि बाजार की तेजी को लेकर अभी भी सावधानी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंचे स्तर पर कच्चा तेल, विदेशी फंडों की निकासी और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
Fed के फैसले पर निवेशकों की नजर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक का फैसला भी बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर है। फेड के फैसले और आगे ब्याज दरों को लेकर उसके संकेतों का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है।
भारत के लिए भी अमेरिकी ब्याज दरों का फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे डॉलर, विदेशी निवेश और रुपये की चाल प्रभावित हो सकती है। बाजार में इस समय निवेशक फेड के फैसले के साथ उसके आगे के रुख पर भी नजर बनाए हुए हैं।
कच्चा तेल अभी भी बड़ी चुनौती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। बुधवार को शुरुआती कारोबार में Brent crude करीब 107.82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। तेल की ऊंची कीमत भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
महंगा कच्चा तेल भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकता है। साथ ही इसका असर रुपये और कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है।
FII-DII गतिविधि भी महत्वपूर्ण
मंगलवार के कारोबार में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने करीब ₹2,977.86 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DII करीब ₹2,686.05 करोड़ के शुद्ध खरीदार रहे। ऐसे में आने वाले सत्रों में विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी होगी?
आज के कारोबार में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से अमेरिकी फेड का फैसला, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल, विदेशी निवेश और वैश्विक शेयर बाजारों पर रहेगी। मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी जरूर दिखाई दी है, लेकिन शुरुआती तेजी को पूरे कारोबारी दिन की दिशा का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना के बीच निवेशकों के लिए कंपनियों के नतीजों और व्यापक आर्थिक संकेतकों को भी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
