राम मंदिर में एक फिर से सोने-चांदी का चढ़ावा बढ़ गया है। सावन में बहुमूल्य धातुओं के दान में तेजी आई है। 10 दिन में करीब एक किलो सोना और तीन किलो चांदी मिली है। अब सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में एक बार फिर सोने और चांदी के चढ़ावे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में श्रद्धालुओं ने करीब एक किलोग्राम सोना और लगभग तीन किलोग्राम चांदी दान स्वरूप अर्पित की है। सावन माह में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ बहुमूल्य धातुओं का चढ़ावा भी लगातार बढ़ रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सोना और चांदी के रूप में प्राप्त सभी दान को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत संग्रहित किया जा रहा है। प्रत्येक दान का अभिलेखीकरण कर उसे सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है। हर एक दान का ऑनलाइन डेटा सुरक्षित किया जा रहा है। जिसमें दिन, दान देने वाले का नाम, पता भी दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद ट्रस्ट की तय प्रक्रिया के अनुसार शुद्धता का परीक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बड़ी संख्या में अर्पित की हैं। पिछले दस दिनों में प्राप्त करीब एक किलो सोना और तीन किलो चांदी इसी श्रेणी का दान है।
बताते चलें कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद राम मंदिर में न सिर्फ नकद, बल्कि आभूषणों का दान भी कम हो गया था। अब सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।
बुधवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को राम मंदिर में क्रमश: 75 हजार, सवा लाख व 80 हजार श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी तो एक बार फिर दान में तेजी आई है। राम मंदिर में नकद चढ़ावे के साथ-साथ सोने-चांदी का दान भी लगातार प्राप्त हो रहा है।
कर्नाटक के श्रद्धालु ने अर्पित किया 600 ग्राम चांदी का हार
ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में सात दान काउंटर और 33 दान पात्र हैं। दान काउंटर पर दान अर्पित करने पर तत्काल उसकी रसीद श्रद्धालुओं को दी जा रही है। दान काउंटर नंबर तीन पर बुधवार को एक ग्राम सोना व पांच ग्राम चांदी का दान प्राप्त हुआ।
दान काउंटर नंबर चार पर बृहस्पतिवार को कर्नाटक के एक श्रद्धालु ने 600 ग्राम चांदी से निर्मित हार रामलला के लिए भेंट किया है। सोमवार को दान काउंटर नंबर एक पर कुछ सोने व चांदी के सिक्के दान स्वरूप में मिले हैं। वहीं बीते रविवार को दान काउंटर नंबर सात पर एक दंपती ने सोने व चांदी के आभूषण अर्पित किए थे।
17 अगस्त को स्वर्ण झूले पर विराजेंगे रामलला
राम मंदिर में इस वर्ष होने वाले झूलनोत्सव और सावन उत्सव को भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रामलला सावन शुक्ल पंचमी यानी 17 अगस्त को स्वर्ण झूले पर विराजेंगे। मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा धर्म समिति को सौंपा गया है, जो इन दिनों उत्सव के प्रत्येक चरण की योजना पर काम कर रही है।
रामलला को स्वर्ण झूले पर विराजमान कराने से लेकर प्रतिदिन होने वाले झूला दर्शन, भजन, कजरी, सावन गीत और अन्य धार्मिक आयोजनों का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। जल्द ही धर्म समिति की औपचारिक बैठक बुलाकर अंतिम कार्ययोजना को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है।
इसी क्रम में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से ट्रस्टियों और समिति से जुड़े संतों से चर्चा कर उत्सव को ऐतिहासिक स्वरूप देने का आह्वान किया। वहीं अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्णमोहन भी आयोजन से जुड़े संतों और पदाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास को भी तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
15 अगस्त से होगी सावन मेले की शुरुआत
रामनगरी में झूलनोत्सव की शुरुआत 15 अगस्त से मणि पर्वत पर पारंपरिक आयोजन के साथ होगी। राम मंदिर में पंचमी से झूलनोत्सव की परंपरा है। इसके चलते 17 अगस्त को उन्हें गर्भगृह में झूले पर विराजित किया जाएगा।
श्रद्धालु करीब 20 फीट की दूरी से उनके दर्शन कर सकेंगे। इस बार केवल रामलला ही नहीं, बल्कि परिसर के पूरक मंदिरों में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। साथ ही मंदिर के उत्सव विग्रह को मणि पर्वत की पारंपरिक यात्रा में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार चल रहा है।


