अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपनी वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसी क्रम में राम मंदिर ट्रस्ट ने ईआरपी सिस्टम लागू कर दिया गया है। ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) प्रणाली एक आधुनिक डिजिटल प्रबंधन प्रणाली है, जिसके माध्यम से ट्रस्ट की खरीद प्रक्रिया, टेंडर, बिल, भुगतान, स्टॉक, अनुबंध, लेखा और अन्य प्रशासनिक कार्य एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित किए जाएंगे।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज रहेगी
इससे किसी भी भुगतान की शुरुआत से लेकर अंतिम स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज रहेगी। हर स्तर पर उसकी निगरानी संभव होगी। ईआरपी प्रणाली लागू होने के बाद बिना आवश्यक अनुमोदन, डिजिटल रिकॉर्ड और निर्धारित प्रक्रिया के कोई भी बिल भुगतान के लिए आगे नहीं बढ़ सकेगा।
प्रत्येक भुगतान का पूरा डिजिटल ट्रेल उपलब्ध रहेगा, जिससे भविष्य में ऑडिट और सत्यापन की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी। ट्रस्ट के अधिकारी भी किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। सूत्र बताते हैं कि नई व्यवस्था में खरीद और भुगतान प्रणाली को भी प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।
विहिप के महामंत्री की सक्रियता बढ़ी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए विभिन्न बजरंग लाल। स्तरों पर मंथन जारी है। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा की सक्रियता बढ़ी है। पिछले करीब डेढ़ महीने के दौरान उन्होंने कई बार अयोध्या का दौरा किया है और संत समाज से लेकर ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों तक से संपर्क साध रहे हैं।

