15 अगस्त पर लाल किले से बदलेगा इतिहास! PM मोदी के ध्वजारोहण से पहले पहली बार होगा ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन

इस साल 15 अगस्त को दिल्ली के लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहने वाला है। रक्षा मंत्रालय के प्रोटोकॉल के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण से ठीक पहले पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कराया जाएगा। यह कदम देश के राष्ट्रीय गीत से जुड़ी एक ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

ध्वजारोहण से पहले गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

हर साल 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं। लेकिन इस बार समारोह की शुरुआत से पहले एक खास परंपरा जुड़ने जा रही है। PM मोदी के ध्वजारोहण से ठीक पहले सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा।

इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोग राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन में हिस्सा लेंगे। इससे स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश और मजबूत होने की उम्मीद है।

‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर खास आयोजन

इस आयोजन की सबसे बड़ी वजह ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होना है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रभावना जगाने वाले प्रमुख गीतों में शामिल रहा है।

‘वंदे मातरम्’ को बाद में भारत के राष्ट्रगीत का दर्जा मिला। आज भी यह गीत देश के राष्ट्रीय समारोहों और महत्वपूर्ण अवसरों पर विशेष सम्मान के साथ गाया जाता है।

स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा जुड़ाव

‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आजादी की लड़ाई के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति, एकता और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में सामूहिक गायन को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

लाल किले से देश को मिलेगा खास संदेश

15 अगस्त के दिन लाल किले पर होने वाला समारोह देशभर में करोड़ों लोग देखते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण से पहले सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ का गायन राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण क्षण बन सकता है।

इस साल का स्वतंत्रता दिवस इसलिए भी खास होगा क्योंकि यह आयोजन देश के स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़े एक ऐतिहासिक गीत की 150वीं वर्षगांठ को भी रेखांकित करेगा।

निष्कर्ष

15 अगस्त 2026 को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक नई ऐतिहासिक झलक देखने को मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण से ठीक पहले पहली बार सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। गीत की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर होने वाला यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और मजबूत करेगा।

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