इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। दक्षिणी लेबनान में लगातार हो रहे इजरायली हमलों के बीच राष्ट्रपति जोसेफ औन (Joseph Aoun) ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। ताजा हमलों के बाद औन ने इसे बेहद गंभीर स्थिति बताते हुए अमेरिका से तनाव कम कराने और पहले से तय समझौतों को लागू कराने में भूमिका निभाने की मांग की है।

इसी बीच गाजा से फिलिस्तीनियों के विस्थापन को लेकर भी पश्चिम एशिया में कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। आठ अरब और मुस्लिम देशों ने इजरायल के उन बयानों और प्रस्तावों का विरोध किया है, जिनमें गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की बात कही गई है। इन देशों का कहना है कि ऐसी योजनाएं क्षेत्र में शांति के प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
दक्षिणी लेबनान में बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल की कार्रवाई की निंदा करते हुए अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम पहले से ही दबाव में है। दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक इलाकों को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।
अमेरिका से मदद की उम्मीद
लेबनान लगातार अमेरिका से कूटनीतिक भूमिका निभाने की अपील कर रहा है। राष्ट्रपति औन पहले भी अमेरिका से इजरायली सेना की दक्षिणी लेबनान से वापसी और लेबनानी सेना को मजबूत करने में समर्थन मांग चुके हैं। जुलाई में वॉशिंगटन यात्रा के दौरान भी उनका एजेंडा इजरायल-लेबनान समझौते को आगे बढ़ाना और अमेरिकी समर्थन हासिल करना था।
अब ताजा हमलों के बाद बेरूत की चिंता और बढ़ गई है। लेबनान चाहता है कि अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके स्थिति को और बिगड़ने से रोके।
गाजा विस्थापन योजना पर मुस्लिम देशों की चेतावनी
दूसरी तरफ गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने की योजना को लेकर सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन, यूएई, कतर, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और तुर्की समेत आठ अरब और मुस्लिम देशों ने कड़ा विरोध जताया है।
इन देशों ने चेतावनी दी है कि फिलिस्तीनियों के जबरन या बड़े पैमाने पर विस्थापन की कोई भी कोशिश क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकती है और शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकती है।
इजरायल के कुछ मंत्रियों की ओर से गाजा से फिलिस्तीनियों के बाहर जाने को लेकर प्रस्ताव और बयान सामने आए हैं। इन बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ाई है।
ट्रंप की शांति पहल पर भी असर का डर
मुस्लिम और अरब देशों का कहना है कि गाजा के भविष्य और फिलिस्तीनियों के विस्थापन से जुड़े कदम अमेरिका समर्थित शांति प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगातार जारी तनाव भी क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ऐसे में एक तरफ लेबनान अमेरिका से तनाव कम कराने के लिए हस्तक्षेप मांग रहा है, तो दूसरी तरफ गाजा को लेकर अरब और मुस्लिम देशों की चेतावनी ने पूरे क्षेत्र में कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय शक्तियों की भूमिका इस संकट की दिशा तय करने में अहम हो सकती है।



