

नई दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र: हर साल की तरह 21 सितंबर 2026 को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस (International Day of Peace) मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाए जाने वाले इस दिवस का उद्देश्य विश्व में शांति, अहिंसा, संवाद और सहयोग के महत्व को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1981 में इस दिवस की स्थापना की थी और 2001 से 21 सितंबर को इसे स्थायी रूप से अहिंसा और युद्धविराम के दिन के रूप में मनाया जाता है।
2026 की थीम क्या है?
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस 2026 की थीम “Invest in Peace – For Everyone, Everywhere, Every Day” यानी “शांति में निवेश करें—हर व्यक्ति, हर जगह, हर दिन” रखी गई है। इस थीम के जरिए लोगों और देशों को शांति निर्माण के लिए रोजमर्रा के स्तर पर सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया गया।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान, अवसर और सहयोग से जुड़ी व्यापक स्थिति है। इस वर्ष का संदेश उन लोगों को भी सम्मानित करता है जो अपने समुदायों में संवाद, सहयोग और सामाजिक एकजुटता के जरिए शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने दिया शांति में निवेश का संदेश
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 21 सितंबर को अपने संदेश में दुनिया के नेताओं से शांति के लिए सक्रिय कदम उठाने और समाधान में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कूटनीति, संवाद, बातचीत और शांति स्थापना को संघर्षों के समाधान के महत्वपूर्ण साधन बताया।
उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सतत विकास में निवेश को भी शांति निर्माण से जोड़ते हुए समावेशी समुदायों और मानवाधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस?
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन शांति से जुड़े कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, शांति शिक्षा, सांस्कृतिक संवाद और अन्य गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में इस अवसर पर पारंपरिक Peace Bell Ceremony भी आयोजित की जाती है।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस का उद्देश्य लोगों को यह याद दिलाना है कि शांति स्थापित करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। समुदायों, युवाओं, नागरिक संगठनों और आम लोगों की भागीदारी भी शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भारत सहित दुनिया में हुआ आयोजन
21 सितंबर को भारत समेत विभिन्न देशों में शांति, अहिंसा और आपसी सहयोग को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी शांति के महत्व पर जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को संदेश दिया।
2026 में संयुक्त राष्ट्र का संदेश विशेष रूप से “हर व्यक्ति, हर जगह, हर दिन शांति में निवेश” करने पर केंद्रित रहा।


