CM Yogi Girgit Statement: योगी आदित्यनाथ का विरोधियों पर निशाना, बोले- ‘गिरगिटों से सावधान रहें’, जानें क्या कहा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान विरोधियों पर तीखा हमला बोला। यह कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है, जो पहले आंदोलन का विरोध करते थे और अब खुद को राम भक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं।

राम मंदिर आंदोलन के संदर्भ में सीएम योगी का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन को बदनाम करने या उसके उद्देश्यों में घुसपैठ करने वालों से सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना ‘कालनेमि’ से की और कहा कि जिस तरह कालनेमि ने भगवान हनुमान को भ्रमित करने की कोशिश की थी, उसी तरह कुछ लोग राम के नाम पर भ्रम पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं।

योगी ने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर आंदोलन के विरोध में रहे, वे अब राम भक्त होने का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से ऐसे लोगों की पहचान करने और उनके प्रयासों को सफल नहीं होने देने की अपील की।

‘गिरगिटों’ को लेकर क्या कहा?

मुख्यमंत्री के बयान में बदलते राजनीतिक रुख को लेकर भी निशाना साधा गया। उन्होंने ऐसे लोगों से सावधान रहने की बात कही, जिनके राजनीतिक रुख में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव दिखाई देता है। इसी संदर्भ में उनके बयान को ‘गिरगिटों से सावधान’ वाली टिप्पणी के रूप में रिपोर्ट किया गया है।

हालांकि, इस टिप्पणी को उसके पूरे संदर्भ में देखना जरूरी है। मुख्यमंत्री का संबोधन मुख्य रूप से राम मंदिर आंदोलन, अयोध्या और अशोक सिंघल के योगदान पर केंद्रित था।

अशोक सिंघल के योगदान को किया याद

कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने अशोक सिंघल के राम मंदिर आंदोलन में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौर में सिंघल की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। मुख्यमंत्री ने 1990 के अयोध्या आंदोलन का भी उल्लेख किया और सिंघल के नेतृत्व तथा उनके बयानों को याद किया।

योगी ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद अयोध्या में कई विकास कार्य किए गए और राम की पैड़ी को विकसित किया गया।

अयोध्या को लेकर विपक्ष पर निशाना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर आने वाले समय में भी राजनीतिक विरोध और अलग-अलग तरह की टिप्पणियां सामने आ सकती हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे लगातार राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं।

SIR और EVM को लेकर भी विपक्ष पर हमला

इसी अवधि में लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIR और EVM के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।

योगी ने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर राजनीतिक दल इसे अपनी उपलब्धि बताते हैं, जबकि हार के बाद EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भरोसा बनाए रखने की अपील की।

बयान को लेकर क्यों है चर्चा?

योगी आदित्यनाथ के हालिया बयानों में दो प्रमुख मुद्दे दिखाई देते हैं—एक तरफ राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या से जुड़े राजनीतिक-सामाजिक मुद्दे, वहीं दूसरी तरफ SIR और EVM को लेकर विपक्ष के साथ उनका विवाद। ऐसे में ‘गिरगिट’ और ‘कालनेमि’ जैसे संदर्भ राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बनकर चर्चा में आए हैं।

हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान में जिन लोगों या समूहों पर निशाना साधा गया, उनकी पहचान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं हो सकती हैं। इसलिए बयान को उसके मूल कार्यक्रम और संदर्भ के साथ देखना जरूरी है।

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