उत्तर प्रदेशराजनीति

बुलंदशहर हिंसाः पुलिस चौकी के पास लगे CCTV कैमरे से बड़ा खुलासा

पिछले हफ्ते बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर उग्र भीड़ ने एक इंस्पेक्टर का कत्ल कर दिया था. हालांकि उस वक्त यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य़नाथ ने बयान दिया था कि इंस्पेक्टर की मौत महज एक एक्सीडेंट थी. मगर हाल ही में एक सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरें कुछ और ही बता रही रहीं.

गोकशी के विरोध में शुरू हुए बजरंग दल और बीजेपी के प्रदर्शन ने हिंसा का रूप लिया और इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई. मौके पर मौजूद लोग इल्ज़ाम लगा रहे थे कि इंस्पेक्टर सुबोध की मॉब लिंचिंग हुई. और उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया. मगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे मॉब लिंचिंग मानने को राज़ी नहीं थे. लेकिन अब उस घटना का वीडियो भी सामने आ गया है.

बुलंदशहर में स्याना के चिंगरावठी में हुई हिंसा का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस वीडियो में हिंसा की तस्वीरें बिल्कुल साफ हैं. उसमें देखा जा सकता है कि कैसे गुस्से से भरे हुए गांव वाले पुलिस चौकी पर धावा बोल रहे हैं. गाड़ियों में भर भरकर लोग यहां पहुंच रहे हैं. हज़ारों की तादाद में पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए दौड़े रहे लोगों के हाथ में पत्थर और लाठी डंडे हैं. इसी चौकी पर पुलिसवाले उग्र भीड़ को काबू में करने की तैयारी कर रहे थे, मगर अचानक इतनी संख्या में गुस्से से भरे हुए लोगों को देखकर पुलिकर्मियों के भी पसीने छूट गए.

वीडियो में दिख रहा है कि कैसे पुलिसकर्मी अपनी अपनी जान बचाकर पुलिस चौकी के अंदर भाग रहे थे. जहां ये हंगामा मचा हुआ है. वहीं पर इंस्पेक्टर सुबोध सिंह भी दिख रहे हैं. दरअसल, तस्वीरें हिंसा भड़कने के ठीक पहले की हैं. चिंगरावठी गांव में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हज़ारों की तादाद में लोग चौकी की तरफ भागे थे. यहीं पर पुलिस ने उग्र प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया.

इसी उग्र भीड़ की अगुवाई बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज कर रहा था. बुलंदशहर हिंसा का ये वीडियो ये बताने के लिए काफी है कि कैसे सोची समझी रणनीति के तहत बुलंदशहर हिंसा को अंजाम दिया गया, मगर ना तो सूबे के मुख्यमंत्री और ना ही इलाके के बीजेपी सांसद ये मानने के लिए तैयार हैं.

साजिश किसने रची, एसआईटी इस बात की जांच कर रही है. इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के कत्ल का आरोपी जीतू फौजी पुलिस की हिरासत में है. बताया जा रहा है कि जीतू से पुलिस ने अब तक करीब पांच सौ सवाल पूछे हैं. और नए एसएसपी इंसाफ का भरोसा दे रहे हैं

बुलंदशहर में एसएसपी, एएसपी, सीओ और चिंगरावठी के चौकी इंचार्ज का तबादला किया जा चुका है. लेकिन ये सीसीटीवी फुटेज सारी सच्चाई बयां कर रहा है. साफ है कि इस हिंसा के जरिए कुछ दक्षिणपंथी संगठन साप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ना चाहते थे, लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए.

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