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कमलनाथ सरकार के खिलाफ बागी तेवर उठने लगे, कहा- मंत्री पद दो वर्ना कर्नाटक की स्थिति के लिए तैयार रहो

कमलनाथ के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ बागी तेवर उठने लगे हैं. बहुमत के कदम से दो कदम दूर रहने पर समर्थन देने वाली बसपा ने कमलनाथ सरकार से कहा है कि यदि उनकी मांगों को नहीं सुना गया तो कर्नाटक जैसी स्थिति हो जाएगी. इस कड़ी में बसपा विधायक रामबाई अहिरवार ने कहा कि कांग्रेस मध्‍य प्रदेश में बहनजी (मायावती) के सहयोग के दम पर सरकार बनाने में कामयाब रही. इस कारण हम बसपा के दो विधायकों को मंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे हैं. ऐसा इसलिए क्‍योंकि हम कर्नाटक में जिस तरह की स्थिति देख रहे हैं, वैसी यहां नहीं चाहते.

इसके साथ ही उन्‍होंने जोड़ा कि यदि वे हमको मंत्री पद नहीं देंगे तो केवल मैं ही नहीं बल्कि अन्‍य भी विरोध करेंगे. उनको हरेक को खुश रखने की जरूरत है. यदि कमलनाथ अपनी पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं तो सबसे पहले उन्‍हें हमको मजबूत करना होगा. उनको हमें मंत्री पद देना चाहिए.

उल्‍लेखनीय है कि 230 सदस्‍यीय हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी लेकिन 114 सीटें ही हासिल कर पाने के कारण बहुमत के लिए जरूरी 116 सदस्‍यों के जादुई आंकड़े से दूर रह गई थी. उधर बसपा ने दो सीटें जीती थीं. मायावती ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था. इसके साथ ही सपा के एक विधायक ने भी कांग्रेस को समर्थन दिया. नतीजतन कांग्रेस बहुमत को हासिल करने में आसानी से कामयाब हो गई. 230 सदस्‍यों में से इसके अलावा भाजपा के 109 और चार निर्दलीय हैं. उधर कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश में बीजेपी अपनी सरकार बनाने के लिए यहां भी ऑपरेशन लोटस जैसा कुछ करने के प्रयास में है.

कमलनाथ ने लगाए आरोप

कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी मध्य प्रदेश में ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस के पांच विधायकों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को बताया है कि बीजेपी ने उनसे संपर्क साधा है और उन्हें तोड़ने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा है ताकि कांग्रेस सरकार को संकट में डाला जा सके. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है.

कर्नाटक का जिक्र

कर्नाटक में पिछले साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में जरूर उभरी लेकिन बहुमत से दूर रह गई. इस कारण कांग्रेस और जेडीएस ने चुनाव के बाद गठबंधन बनाकर सरकार बना ली. सरकार के गठन के बाद से ही दोनों दलों में रस्‍साकशी देखने को मिली है. अभी कुछ दिन पहले कुछ कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों के बागी तेवर अपनाने के बाद वहां पर सियासी संकट उत्‍पन्‍न हुआ था. इस पर गठबंधन सरकार ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह जोड़-तोड़ कर सरकार बनाना चाहती है. इस कड़ी में बीजेपी के सभी 104 विधायकों ने गुरुग्राम के एक रिसॉर्ट में कुछ दिनों डेरा भी डाला था. हालांकि कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके सभी विधायक एकजुट हैं.

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