राजनीति

पीएम नरेंद्र मोदी पर हमलावर राहुल सहित तमाम विपक्ष का मुंह भी होगा बंद

Pulwama Terror Attack पुलवामा आतंकी हमले के दो हफ्ते के भीतर भारतीय वायुसेना ने वह कर दिखाया Sergical Strike2, जिसका पूरा देश उम्मीद कर रहा था। इससे पाकिस्तान और उसके शासकों एवं आम जनता के दिलों में भारत का खौफ तो बढ़ा ही है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी नेताओं का मुंह भी बंद हो गया है। पाकिस्तान के अंदर घुसकर जिस तरह से भारतीय वायुसेना के 12 मिराज विमानों ने जैश के आतंकी कैंपों और लांच पैड को नेस्तनाबूद किया है, उसके बाद विपक्ष के पास सरकार की तारीफ करने के अलावा कोई चारा नहीं है।

छिन गया राहुल गांधी का एजेंडा

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तान की शह पर आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद की कायराना करतूत (Pulwama Terror Attack) के बाद पूरे देश में गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इसका राजनीतिक फायदा उठाने के लिए विपक्षी दलों ने कमर कस रखी थी। 27 फरवरी यानी बुधवार को सभी विपक्षी दलों की एक बैठक भी बुलाई गई थी। हालांकि इस बैठक को लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (Common Minimum Programe) पर विचार करने के लिए बुलाया गया है लेकिन जैसी कि खबरें आ रही थीं इस बैठक में पुलवामा हमले पर भी चर्चा की जानी थी। लेकिन अब पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को वायुसेना द्वारा तबाह किए जाने के बाद इस बैठक में पुलवामा पर चर्चा का रास्ता भी बंद हो गया है।

पीएम मोदी में बढ़ा जनता का विश्वास

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पाकिस्तान के खिलाफ यह कार्रवाई भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के confidance में काफी इजाफा करने वाली साबित होगी। पहले से ही आत्मविश्वास से सराबोर पीएम मोदी अब ताल ठोककर विपक्ष के हर हमले का जवाब दे सकेंगे। पिछले कुछ दिनों से पीएम मोदी जिस तरह से पाकिस्तान को चेतावनी दे रहे थे और सेना को कार्रवाई की खुली छूट देने की बात कह रहे थे, उसमें देश की जनता का विश्वास भी बढ़ा है। विपक्ष के पास अब पुलवामा आतंकी हमले के बाद सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने का मौका जाता रहा। इसके बाद भी अगर विपक्ष प्रधानमंत्री पर पुलवामा हमले के बाद की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाता है तो इसे राजनीतिक बचकानापन ही कहा जाएगा।

मोदी को मिला विपक्ष पर हमले का मौका

यह महज संयोग ही है कि पुलवामा आतंकी हमले Pulwama Terror Attack के बाद प्रधानमंत्री ने पहली रैली राजस्थान में की थी और वहां से पाकिस्तान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी और अब Sergical Strike2 के बाद भी वह मंगलवार को राजस्थान में ही रैली को संबोधित करने जा रहे हैं। जाहिर सी बात है कि इस रैली में वह विपक्ष पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। खासकर दलों और उनके नेताओं पर तो वे आक्रामक रहेंगे जिन्होंने पुलवामा आतंकी हमले के बाद सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।

Related Articles

Back to top button