उत्तराखंड

महाशिवरात्रि पर्व के लिए मंदिरों में अभिषेक और पूजन के लिए विशेष तैयारियां की गई

 महाशिवरात्रि पर्व के लिए मंदिरों में अभिषेक और पूजन के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। सोमवार को श्रद्धालु भगवान शिव का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। वहीं इस बार शुभ संयोग सोमवार, श्रवण नक्षत्र, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग होने से राशि के अनुसार भी शिवरात्रि पूजन करने का खास महत्व है। पंडित वंशीधर नौटियाल ने बताया कि राशि के मुताबिक पूजन पर यह महापर्व अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा।

राशि के अनुसार करें पूजा

  • मेष- कनेर के पुष्प और शहद से भोले का अभिषेक करने से मनोकामना पूरी होगी।
  • वृष- दूध में बताशा या मिश्री मिलाकर शिव को अर्पित करने पर कार्य सिद्ध होंगे। 
  • मिथुन- शिव को भांग अर्पित करने से नौकरी व व्यवसाय में प्रगति होगी।
  • कर्क- घी, शक्कर मिश्रित दूध से अभिषेक करने पर संतान सुख प्राप्त होगा।
  • सिंह- गुलाब जल मिश्रित दूध से अभिषेक करने पर सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
  • कन्या- भोलेनाथ को धतूरा, गांजा, शमी चढ़ाने से रुके कार्य पूरे होंगे। 
  • तुला- पंचामृत से अभिषेक करने पर आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी।
  • वृश्चिक- बिल्वपत्र चढ़ाने से घर में सुखद वातावरण बना रहेगा।
  • धनु -आपको शिवलिंग का श्रृंगार करना चाहिये और फिर उस पर पके चावल लगा कर सूखे मेवे का भोग लगान चाहिये।
  • मकर- इस राशि के जातक शिवलिंग पर गेंहू चढ़ाएं और फिर पूजा करें।
  • कुंभ- सफेद काला तिल मिला कर शिवलिंग पर चढ़ाएं, साथ ही जल में तिल डाल कर शिवलिंग को स्‍नान करवाएं।
  • मीन -जातक को रात में पीपल के पेड़ के नीचे बैठ कर पूजा करनी चाहिए, साथ ही शिवलिंग पर चने की दाल चढ़ाएं और पूजा कर दान करें।

टपकेश्वर मंदिर के रात्रि 12  बजे से खुलेंगे कपाट

महाशिवरात्रि के लिए दून के प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर में रविवार रात्रि 12 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे। शिवलिंग का भव्य श्रृंगार कर अभिषेक शुरू किया जाएगा। जो सेना और वीर शहीदों को समर्पित रहेगा। शहीदों को समर्पित विशाल यज्ञ का भी आयोजन किया जा रहा है।

महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में एक हफ्ते तक मेला की भी रौनक देखने को मिलेगा। शनिवार को इसके लिए मंदिर परिसर में दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा दीं। महंत कृष्णा गिरी महाराज ने बताया कि मध्यरात्रि से ही कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। शिवरात्रि पर शहीदों की स्मृति में 251 दीयों की दीपमाला जलाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी। साथ ही वीर शहीदों की आत्मिक शांति के लिए विशाल महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 11 ब्राह्मणों के माध्यम से 51 हजार आहुतियां दी जाएंगी। दिगंबर भरत गिरी महाराज ने बताया कि शिव भक्तों के लिए प्रसाद स्वरूप केसर युक्त दूध के भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button