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जानिए आम की रोचक कहानी, क्यों कहते हैं फलों का राजा

आम फलों का राजा कहा जाता है। आप आम खाने के शौकीन हैं और मोटापे से भी ग्रस्त हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। आप आम खाकर अपना वजन घटा सकते हैं। आम में संतृप्त वसा, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम की मात्रा काफी कम होती है। साथ ही यह आहार संबंधी फाइबर, विटामिन B-6,विटामिन Aऔर विटामिन C का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। आम खाने के अनेको स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक फायदे हैं।

आम के सेवन के समय इस बात का ध्‍यान रखें कि आम की तासीर गर्म होती है, अतः आम के साथ दूध का प्रयोग करना चाहिए। यदि उसका शेक बनाया जा रहा है तो आम के टुकड़ों में शुगर और थो़ड़ा-सा दूध मिलाकर पीना लाभदायक होगा। आम न सिर्फ यह स्वादिष्ट और रसीला होता है, बल्कि गुणों की खान भी है। आम के पेड़ की पत्तियां, तने की छाल और गुठली भी बड़ी काम की होती हैं। यह शुद्ध देशी पेड़ भारतभूति पर पिछले चार हजार वर्षो से फल-फूल रहा है। यह मौसम भी आम का है। हर घर इसका सेवन कर ही रहा होगा।बड़े काम का आमफ्रांस के राजदूत ने पाकिस्‍तानी पायलटों को राफेल विमानों का प्रशिक्षण देने की खबर को ‘फेक’ बतायायह भी पढ़ें

आम के फल में विटामिन ए और सी प्रचुर मात्र में पाए जाते हैं। कॉपर, पोटैशियम और मैग्नेशियम जैसे खनिजों का भंडार है। पत्तियां विटामिन ए, बी और सी का स्रोत हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल (सूक्ष्मजीवरोधी) गुण होते हैं। पत्तियां डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मददगार होती हैं। पथरी, श्वसन संबंधी समस्याओं में आम की पत्तियां दवा का काम करती हैं। इसकी पत्तियों से छनकर आने वाली हवा बैक्टीरिया व सूक्ष्मजीवों से रहित होती है। इसकी गुठली खून का संचार सुधारती है और बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करती है। पेड़ की छाल डायरिया के इलाज में काम आती है।

आम्र फल से बना मैंगो

आम के पेड़ की उत्पत्ति 2.5-3 करोड़ वर्ष पहले पूर्वोत्तर भारत में हुई। यहां से यह दक्षिण भारत पहुंचा। इसे नाम दिया गया आम्र फल। वैदिक साहित्य में इसे रसाला व साहकारा नाम से भी जाना गया। पुराणों में आम के पेड़ को गिराना बुरा बताया गया है। दक्षिण भारत में इसका नाम आम-काय हो गया। अपभ्रंश होते-होते नाम मामकाय हो गया। मलयाली लोगों ने इसे बदलकर ‘मांगा’ कर दिया। पुर्तगाली यहां पहुंचे, तो वे इससे इतने प्रभावित हुए कि इसे अपने साथ ले गए और नाम दिया मैंगो।

समृद्धि का प्रतीक आम को संपन्नता व भाग्य का प्रतीक माना जाता है। यहीं कारण है कि पूजा-अर्चना के समय आम की पत्तियों को कलश के ऊपर सजाया जाता है। घर के द्वार पर आम की पत्तियों का तोरण बांधा जाता है।

आम खाने के फायदे –

  • मोटापा कम करने के लिए लोग बडी मेहनत करते हैं, फिर भी उनका वजन नहीं घटता है। लेकिन, आम खाकर मोटापे को आसानी से कम किया जा सकता है।
  • कई आहार-विशेषज्ञों ने भी आम को वजन कम करने की दवा बताया है, क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
  • आम का राज इसकी गुठली में छिपा हुआ है। आम की गुठली में घुलनशील रेशा और वसा मौजूद होता है।
  • आम की गुठली में मौजूद रेशा और फैट शरीर से अतिरिक्‍त चर्बी को कम करने में बहुत सहायक होता है।
  • आम खाने से भूख कम लगती है और शरीर से अतिरिक्त कैलोरी भी बर्न हो जाती है। आम में लेप्टिन नामक केमिकल होता है जिससे भूख कम लगती है।
  • आम में लो कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है। इसमें पाया जाने वाला एडिपोनेक्टिन, कोलेस्ट्राइल को कम करता है और इंसुलिन के निर्माण को बढाता है जिसके कारण अतिरिक्त वसा अपने-आप ऊर्जा में बदल जाता है।
  • आम खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है।

आम विटामिन सी का अच्छा स्रोत होता है जो हड्डियों को मजबूत करता है। आम न केवल वजन घटाने में सहायक है बल्कि त्व्चा का रंग भी गोरा करता है। इसलिए नाश्ते में फास्ट फूड और स्लाइस की जगह आम खाइए।

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