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दिल्ली पुलिस ने लापरवाह और भ्रष्ट पुलिसवालों को जबरन रिटायर करने का आदेश किया जारी

दिल्ली पुलिस ने लापरवाह और भ्रष्ट पुलिसवालों को जबरन रिटायर करने का आदेश जारी किया है. आदेश के मुताबिक पहले पुलिसकर्मियों की जांच की जाएगी और उसके बाद कार्रवाई होगी. विजिलेंस विभाग की अतिरिक्त आयुक्त ने दिल्ली के सभी जिलों के डीसीपी को इसे लेकर पत्र लिखा है. सिपाही से सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की जांच डीसीपी करेंगे. इंस्पेक्टर रैंक की जांच संयुक्त आयुक्त करेंगे.

दिल्ली पुलिस के विजिलेंस विभाग ने जो पत्र जारी किया है उसके मुताबिक भ्रष्टाचार, नौकरी से गायब रहना या देर से आना, आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहना,किसी आपराधिक केस में कोर्ट से आरोप तय होना, नशे का आदी होने जैसे आरोपों पर कार्रवाई की जाएगी. स्क्रीनिंग कमेटियां अपने-अपने जिलों से ऐसे पुलिसकर्मियों के नाम विजिलेंस को भेजेंगी और उनपर कार्रवाई की जाएगी. इसके पहले भी इस तरह की स्क्रीनिंग कमिटी दिसंबर 2018 में बनाई जा चुकी है.

मोदी सरकार ने भ्रष्ट और कामचोर अफसरों को जबरन रिटायर करने का फैसला किया है. इसकी गाज सिर्फ आईएएस या आईआरएस ही नहीं बल्कि आईपीएस अफसरों पर भी गिरी है. सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि आईपीएस से नौ अफसरों को पिछले दो साल में जबरन रिटायर कर सेवा से बाहर का रास्ता दिखाया गया है. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्रालय अब तक डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत 27 अफसरों को रिटायर कर चुका है.

बता दें कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार भी मोदी सरकार के नक्शे कदम पर चल रही है. भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 600 अधिकारियों पर गाज गिरी है. 200 अफसर ऐसे हैं, जिन्हें पिछले दो साल में जबरन रिटायरमेंट दे दी गई है. यूपी सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि हमारी ढीले और भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है. 400 से ज्यादा कर्मचारियों व अफसरों को दंडित किया गया है. यानी उनका प्रमोशन नहीं होगा. वहीं 200 से ज्यादा अफसरों व कर्मचारियों को जबरन वीआरएस दे दिया गया है.

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