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क्या आप जानते है MG HECTOR ब्रिटिश है या चीनी, ये है सनसनी रिपोर्ट

ऑटो सेक्टर में देश की पहली इंटरनेट स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) एमजी हेक्टर ने एडवांस बुकिंग को लेकर सनसनी मचा दी है. जहां पूरी ऑटो इंडस्ट्री मंदी से बेहाल है, वहीं इसका बुकिंग का आंकड़ा 28 हजार को पार कर चुका है. वहीं वेटिंग पीरियड 10 महीने से ज्यादा है. लोगों में इस एसयूवी के प्रति इतना ज्यादा आकर्षण है कि बुकिंग बंद होने के 36 घंटों के भीतर तकरीबन सात हजार कारें बुक हो गईं.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इस एसयूवी को बनाने वाली एमजी हेक्टर कंपनी आखिर किस देश की है. कुछ लोगों का मानना है कि यह ब्रिटिश है, तो कुछ इसे अमेरिकी या फिर चीनी मानते हैं.  जब से एमजी हेक्टर भारतीय बाजार में आई है, तभी से टाटा हैरियर, महिंद्रा XUV500, जीप कंपास और ह्यूंदै क्रेटा की बिक्री पर जबरदस्त असर पड़ा है. इसकी वजह है इसका डिजाइन और लुक. इसमें कई ऐसे फीचर दिए हैं, जो इस सेगमेंट की किसी कार में नहीं मिलते हैं. यह देश की पहली इंटरनेट कनेक्टेड एसयूवी है, जिसमें 10.4 इंच का कलर टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम समेत 5जी रेडी ई-सिम फीचर समेत सॉफ्टवेयर के ओवर द एयर अपडेट मिलेंगे.

वहीं एक्सीडेंट होने पर कार मदद के लिए ऑटोमैटिकली इमरजेंसी सर्विसेज कॉल कर देगी, वहीं i-call बटन के जरिए एमजी कॉल सेंटर से भी मदद मांगी जा सकती है.आपको ये जानकर अचंभा होगा कि भारत में पहले ही से एमजी मोटर्स के 500 से ज्यादा ग्राहक हैं, हालांकि उनके पास एमजी के क्लासिक मॉडल्स हैं. एमजी मोटर्स की भारत में आधिकारिक तौर पर एंट्री जून 2019 में हुई, जब कंपनी ने पहली एसयूवी एमजी हेक्टर लॉन्च की. लेकिन कंपनी ने अक्टूबर 2017 में दो हजार करोड़ के शुरुआती निवेश से गुजरात के हलोल में फैक्टरी का उद्घाटन किया था, जिसकी फिलहाल निर्माण क्षमता 24 हजार कारें बनाने की है. हलोल प्लांट में पहले जनरल मोटर्स की कंपनी शेवरले गाड़ियों का निर्माण करती थी, लेकिन जुलाई 2017 में एमजी ने इस प्लांट का अधिग्रहण कर लिया.

इसके बारे में कंपनी का कहना है कि हेक्टर नाम रखने के पीछे दो मुख्य हैं. पहली वजह है कि ब्रिटिश रॉयल आर्मी 1930 दशक के दौरान एक बाइप्लेन इस्तेमाल करती थी, जिसका नाम हॉकर हेक्टर था. इनका इस्तेमाल 1940 में फ्रांस के खिलाफ युद्ध में किया गया था. जबकि दूसरी वजह है कि ट्रॉय के राजकुमार नाम हेक्टर था, जिसने ट्रॉजन के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी.MG को 1924 में शुरू किया गया था और एमजी का पूरा नाम है मोरिस गैरेज. यूके में शुरू हुई 95 साल पुरानी एमजी कंपनी क्लासिक स्पोर्ट्स कारें और कैब्रियोलेट्स बनाती थी. बाद में 2005 में दिवालिया घोषित हो चुके ब्रिटिश ब्रांड एमजी को चीन की कंपनी नानजिंग ऑटोमोबाइल ने खरीदा था, वहीं दो साल बाद जब चीन की सरकार देश में मर्जर को बढ़ावा दे रही थी, तब 2007 में SAIC मोटर कारपोरेशन (शंघाई ऑटोमोटिव इंडस्ट्रीज कारपोरेशन) ने नानजिंग ऑटोमोबाइल को खरीद लिया.

फिलहाल एमजी मोटर्स का पूरा मालिकाना हक SAIC मोटर कारपोरेशन के पास है. एसएआईसी मोटर कॉर्पोरेशन चीन की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है. ऐसा नहीं है कि विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण करने वाली एसएआईसी अकेली कंपनी है. कार निर्माता कंपनी वोल्वो का मालिकाना हक झेजियांग गीली होल्डिंग और प्रसिद्ध बाइक कंपनी बेनेली का मालिकाना हर झेजियांग कियानजियांग मोटरसाइकिल ग्रुप के पास है.SAIC मोटर कारपोरेशन की चीन के बाजार पर कितनी जबरदस्त पकड़ है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन की सबसे बड़ी कार कंपनी अलीबाबा ग्रुप ने एसएआईसी के साथ मिलकर इंटरनेट कनेक्टेड कार आरएक्स5 (OS’Car RX5) बनाई है, जिसमें अलीबाबा ग्रुप का बनाया स्मार्ट ऑपरेटिंग सिस्टम YunOS लगा है, जिसे ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए बनाया गया है. इस कार में 4 कैमरे भी लगे होंगे जो सेल्फी लेने और वीडियो बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकेंगे.

इस समय आपके मन यह ख्याल आ रहा होगा कि हेक्टर को ब्रिटेन में डिजाइन किया गया है, तो यह बिल्कुल गलत है. असलियत यह है कि चीन के बाजार में SAIC मोटर कारपोरेशन पहले से ही Baojun 530 नाम से एसयूवी बनाती है, जो वहां काफी प्रसिद्ध है। वहीं SAIC ने Baojun 530 को हेक्टर के नाम से रिबैज किया है. वहीं आपको आश्चर्य होगा कि भारत में बिकने वाली एमजी हेक्टर को थाइलैंड के बाजार में शेवरले कैप्टिवा नाम से लॉन्च किया जाएगा. 2018 में हुए बोगोटा इंटरनेशनल मोटरशो में SAIC ने इसे शोकेस भी किया था.वहीं हाल ही में हेक्टर में कंपनी ने एक बड़ा बदलाव भी किया है. कंपनी हेक्टर में गुडईयर एश्योरेंस टायर लगाती है. वहीं कंपनी ने अब हेक्टर के टॉप वेरियंट में कॉन्टिनेंटल मैक्स कॉन्टैक्ट एमसी5 टायर लगाने का फैसला किया है. कॉन्टिनेंटल मैक्स टायर्स को बेहतर रोड ग्रिप और कम आवाज के लिए जाना जाता है. हालांकि ये टायर गुडईयर के मुकाबले महंगे होंगे लेकिन कंपनी ग्राहकों से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दे​ कि कंपनी अब हेक्टर का सात सीटर वर्जन भी लाने जा रही है. साथ ही टाटा मोटर्स भी टाटा बुजार्ड नाम से हैरियर का सात वर्जन लाने वाली है. इसके अलावा एमजी का मुकाबला ह्यूंदै की पहली इलेक्ट्रिक कार कोना से भी है, जिसके चलते कंपनी जल्द ही भारत में अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी eZS लॉन्च करेगी, जो फुल चार्जिंग पर 262 किमी की दूरी तय करेगी. एसयूवी eZS में 44.5 kWh की लीथियम ऑयन बैटरी मिलेगी, जिस पर कंपनी सात साल की वारंटी देगी.खास बात यह होगी कि कोना के मुकाबले इसकी कीमत कम होगी. हेक्टर के डुअल क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स वाले मॉडल की डिमांड ज्यादा है. यह मॉडल 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन में आता है, वहीं इसके टॉप वर्जन शार्प की डिमांड सबसे ज्यादा है, जिसकी एक्स शोरूम कीमत 16.88 लाख रुपये है.  पिछले महीने पेश हेक्टर की एक्स-शोरूम कीमत 12.18 लाख से 16.88 लाख रुपये तक है. कंपनी ने हेक्टर चार रंगों स्टैरी ब्लैक, कलर्ड ग्लैज रेड, बरगुंडी रेड, अरोरा सिल्वर और कैंडी व्हाइट में लॉन्च किया है. हेक्टर के ग्लैज रेड पेंट में आने वाली पेट्रोल डीसीटी पर सबसे ज्यादा वेटिंग पीरियड है और इस पर सबसे ज्यादा सात महीने की वेटिंग है. वहीं 1.5 लीटर पेट्रोल हाइब्रिड पर चार महीने और 2.0 लीटर डीजल इंजन पर तीन महीने की वेटिंग है. इनमें सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 1000 बुकिंग कोचीन में है, जबकि गुरुग्राम में 650 बुकिंग मिली है, जिनमें 450 बुकिंग डीसीटी वेरियंट की है.

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