स्वास्थ्य

कई गुणों से भरपूर है लौकी, जानें इसके सेहत के लाभ

लौकी की सब्जी किसी को भी पसंद नहीं होता. लेकिन ये कई गुणों से भरपूर होती है. लौकी में महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की मात्रा पाई जाती है जो शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचाती है. इसलिए कई बार इसे बीमारी में भी खाया जाता है जो आपकी सेहत के लिए लकभकारी होता है. आइये आपको बता दें, लौकी के कुछ फायदे.

# खाली पेट लौकी के रस का एक गिलास हर रोज पीने से आपका शरीर ठंडक अनुभव करेगा और गर्मी भी नहीं लगेगी.

# वजन कम करने के लिए इसका रस बहुत प्रभावी है. सर्वोत्तम परिणामों के लिए हर सुबह खाली पेट इसके रस का सेवन करें, कुछ ही महीनो में आपका वजन कम होने लग जाहेगा.

# हर सुबह खाली पेट लौकी के रस का नियमित सेवन आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है और दिल से सम्बंदित बीमारियों से आपका बचाव करता है.

# लौकी में पेट के रोगों को ठीक करने की क्षमता होती हैं. जिन लोगों में पेट सम्बन्धी परेशानी होती हैं, जैसे : गैस, अपच, और कब्ज, आदि होने पर, वे लौकी को धोकर छिलके सहित गरम पानी में डालकर उसका ज्यूस निकालें. एक कप ज्यूस नियमित रूप से लेने पर पेट से सम्बंदित परेशानियों में आराम मिलता हैं और एसिडिटी भी कम होती हैं.

# आपकी बालों की जड़ें मृत त्वचा से ढँक जाती हैं, जो समस्या को और भी बढ़ा देते हैं. इससे उबरने के लिए लौकी के ज्यूस को आवला ज्यूस के साथ मिलाकर मालिश करना असरकारक होता है.

# आधा कप लौकी का रस दो चम्मच शहद मिलाकर सोते समय पीने से मानसिक तनाव कम होता है. सिर में लौकी का तेल लगायें. जब तनाव बढ़े उस समय लौकी के जूस का एक छोटा गिलास पीने से तनाव और क्रोध से राहत मिलती है.

# लौकी गर्भाशय संबंधी विकारों में लाभदायक है. इसलिए जिन स्त्रियों को बार-बार गर्भस्राव या गर्भपात हो जाता है, उन्हें कुछ दिनों तक लौकी का सेवन सब्जी या रस के रूप में अवश्य करना चाहिए. इससे गर्भाशय मजबूत होगा और गर्भस्राव से छुटकारा मिल जाएगा. गर्भवती महिला को लौकी के जूस से ताकत देता है.

# लौकी का तेल बालों में लगाने से बालों को मजबूती मिलती है और रूसी तथा बालों का झड़ना कम होता है.

# लौकी के रस का प्रभाव ठंडा होता है अत: जिन रोगों में जलन, अधिक प्यास लगती है, उनमें लौकी का रस पीना लाभदायक होता है. एक कप लौकी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से शरीर की गर्मी , एसिडिटी, पेट की जलन, आँखों की जलन, रक्तविकार, फोड़े-फुन्सी, आदि रोगों में लाभ होता है.

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