हरियाणा विधानसभा में कृषि कानूनों पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पेश, कांग्रेस विधायकों ने वाकआउट किया

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने विधानसभा में सदन पटल पर कृषि कानूनों को लेकर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव और संकल्प पत्र रखा। इस पर चर्चा के दौरान कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के बीच तीखी बहस की। कांग्रेस के विधायकों ने प्रस्‍ताव पर वोटिंग की मांग की। इसे विधानसभा स्‍पीकर ने खारिज करते हुए कहा कि पहल प्रस्‍ताव पर चर्चा होगी। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और 15 मिनट तक सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी। बाद में कांग्रेस के सदस्‍यों ने वाकआउट किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 45 मिनट तक स्थगित रही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हस्तक्षेप के बाद कांग्रेस विधायक अपनी सीटों पर लौटे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधायक चर्चा के लिए तैयार हों, हम रात 12:00 बजे तक ही नहीं, कल सुबह तक भी इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं।

मुख्‍यमंत्री कृषि कानूनों पर संकल्‍प पत्र में कहा कि कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम, किसान (सशक्तिकरण तथा संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम तथा आवश्यक वस्तु (संशोधन) को अधिसूचित किया गया है।  पहले अधिनियम का उद्देश्य किसानों को अपनी उपज किसी भी व्यक्ति को कहीं भी और अपने मनपसंद मूल्य पर बेचने का विकल्प उपलब्ध कराना है। दूसरे अधिनियम का उद्देश्य किसान को उस समय सुरक्षा प्रदान करना है, जब वह अपनी फसल को  बेचने के लिए कोई अनुबंध करता है। तीसरा अधिनियम कृषि विपणन को सरल करता है और केवल असाधारण परिस्थितियों में भंडारण सीमा को लागू करता है।

संकल्‍प पत्र में कहा गया कि यह अधिनियम किसानों को अधिक सशक्त बनाएंगे और कृषि ढांचा मजबूत होने के साथ-साथ किसानों को बेहतर आय प्राप्त हो सकेगी। हरियाणा राज्य कृषि विकास में देश में अग्रणी है। इसलिए यह सुधार हरियाणा के किसानों के लिए बड़े अच्छे परिणाम लाएंगे। सरकार की मंशा को स्पष्ट करते हुए सरकार किसानों को आश्वस्त करती है कि मंडी प्रक्रिया और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद सुनिश्चित रहेगी। इन नियमों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में यह ऐतिहासिक सुधार करने के लिए यह सदन भारत सरकार का धन्यवाद करता है।

धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार चौथा कानून बनाए जिसमें सुनिश्चित किया जाए कि किसानों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ही खरीद होगी और ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके बाद कांग्रेस विधायक प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग करने लगे और अपनी सीटों पर खड़े हो गई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस के सदस्‍य चर्चा से क्यों बच रहे हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पहले प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उसी के बाद वोटिंग कराई जाएगी। इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल गुर्जर भी खड़े हो गए। गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस किसान विरोधी है और किसानों को  बरगला रही है। भाजपा विधायकों ने लगाए किसान विरोधी मुर्दाबाद और भारत माता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। सके बाद कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी। स्पीकर की दो टूक कहा कि पहले प्रस्‍ताव पर चर्चा होगी। भारी शोरगुल और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते सदन 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

 

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