बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कई अन्य कर्मचारी भी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। पुलिस ने 25 जून की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें आरोपी कर्मचारी के साथ कुछ अन्य कर्मचारी भी गणना कक्ष में संदिग्ध हरकत करते नजर आए। फिलहाल पुलिस ने सभी संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है।
अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी ने पहले ही इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की संभावना जताई थी। सूत्रों के अनुसार, रविवार को पुलिस ने 25 जून के चढ़ावे की गणना के दौरान की रिकॉर्डिंग की जांच की। इसमें आरोपी कर्मचारी के अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों की गतिविधियां भी संदिग्ध प्रतीत हुईं। ऐसे में जांच आगे बढ़ने पर अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
अब पुलिस टीम मंगलवार यानि आज 29 जून की सीसीटीवी फुटेज भी खंगालेगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि अलग-अलग दिनों की रिकॉर्डिंग से मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है। बताया जा रहा है कि बदरीनाथ मंदिर परिसर में 27 जून से हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
इससे पहले लगे कैमरों का रेजोल्यूशन कम था। ऐसे में पुलिस पुराने फुटेज का भी बारीकी से जांंच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध फुटेज में कर्मचारी किस प्रकार की गतिविधियां कर रहे थे। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य संदिग्ध पाए जाएंगे, उनकी गहन जांच की जाएगी। मामले में अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं और पुलिस की जांच लगातार जारी है।
हमारी तरफ से कोई गड़बड़ी नहीं हुई: सीईओ
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमिटी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा, सीसीटीवी रिकॉर्ड देने में हमारी तरफ से कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। कमिटी लंबे समय से काम कर रही है, और पहले ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। एक समय में 15-16 सीसीटीवी काम करते हैं। अगर कोई शिकायत हमारे पास आती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी ऐसा ही है। हम मानते हैं कि ऐसा हुआ है, लेकिन अब पुलिस जांच कर रही है।



