नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के ट्रेडिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। NSE और BSE की ओर से शनिवार, 1 अगस्त 2026 को विशेष मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य Closing Auction Session (CAS) से जुड़े नए ट्रेडिंग सिस्टम और तकनीकी बदलावों की अंतिम टेस्टिंग करना है। NSE के मुताबिक, CAS से संबंधित बदलाव 3 अगस्त 2026 से लाइव किए जाएंगे।

आज क्यों हो रही है मॉक ट्रेडिंग?
शनिवार को सामान्य तौर पर शेयर बाजार में नियमित कारोबार नहीं होता। लेकिन 1 अगस्त को NSE ने विशेष मॉक ट्रेडिंग सेशन रखा है, ताकि 3 अगस्त से लागू होने वाले Closing Auction Session की प्रक्रिया को लाइव मार्केट से पहले पूरी तरह टेस्ट किया जा सके।
NSE की 30 जुलाई की आधिकारिक सर्कुलर के मुताबिक, आज की मॉक ट्रेडिंग में CAS से जुड़े बदलावों की जांच की जा रही है और इसके लिए NEAT+ 7.8.9 का नया वर्जन इस्तेमाल किया जा रहा है। एक्सचेंज ने ट्रेडिंग सदस्यों को नए सिस्टम और सॉफ्टवेयर के साथ टेस्टिंग में भाग लेने की सलाह दी है।
BSE की तरफ से भी CAS से जुड़े बदलावों की तैयारी के तहत 1 अगस्त को मॉक ट्रेडिंग निर्धारित की गई है। BSE के नए NFCAST API Version 6.2 का लाइव रोलआउट भी 3 अगस्त से होना है और इसके लिए 1 अगस्त को मॉक ट्रेडिंग रखी गई है।
क्या है Closing Auction Session यानी CAS?
Closing Auction Session (CAS) शेयर बाजार के दिन के अंतिम भाव यानी Closing Price को निर्धारित करने का नया ऑक्शन-आधारित तरीका है।
मौजूदा व्यवस्था में शेयर के क्लोजिंग प्राइस की गणना अलग तरीके से होती है, लेकिन CAS लागू होने के बाद पात्र शेयरों के लिए क्लोजिंग प्राइस ऑक्शन में बनने वाले Equilibrium Price के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
NSE के अनुसार, CAS को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। शुरुआती चरण में उन कैश मार्केट शेयरों पर इसे लागू किया जाएगा, जिनमें डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध हैं।
CAS में कैसे तय होगा शेयर का क्लोजिंग प्राइस?
CAS के लिए शेयर का Reference Price मुख्य रूप से दोपहर 3:00 बजे से 3:15 बजे के बीच हुए ट्रेड्स के VWAP (Volume Weighted Average Price) से निर्धारित किया जाएगा।
अगर इस अवधि में किसी शेयर में कोई ट्रेड नहीं होता है, तो उस दिन का Last Traded Price (LTP) Reference Price के तौर पर लिया जाएगा। अगर पूरे दिन भी ट्रेड नहीं हुआ है, तो पिछले कारोबारी दिन का Closing Price इस्तेमाल किया जाएगा।
CAS में कितने प्रतिशत की Price Band होगी?
NSE की ओर से जारी ऑपरेशनल गाइडलाइंस के अनुसार, CAS के दौरान कैश मार्केट में लागू Price Band Reference Price से ±3 प्रतिशत होगी।
यानी अगर किसी शेयर का CAS Reference Price ₹1,000 है, तो CAS के दौरान उसकी लागू Price Band लगभग ₹970 से ₹1,030 के बीच होगी।
इसका उद्देश्य क्लोजिंग ऑक्शन के दौरान अत्यधिक कीमत उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना और व्यवस्थित तरीके से Closing Price खोजने में मदद करना है।
CAS में कौन से Orders लगाए जा सकेंगे?
नई व्यवस्था में CAS के दौरान कुछ खास प्रकार के ऑर्डर स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्य बातें:
- Limit Orders स्वीकार किए जाएंगे।
- Market Orders भी स्वीकार किए जाएंगे।
- Limit और Market दोनों ऑर्डर Equilibrium Price तय करने में शामिल होंगे।
- Stop Loss Orders CAS में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- Disclosed Quantity Orders की अनुमति नहीं होगी यानी ऑर्डर की पूरी मात्रा प्रदर्शित होगी।
- CAS में ऑर्डर बुक के आधार पर Indicative Equilibrium Price और Indicative Tradable Quantity जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
Closing Price पर क्या पड़ेगा असर?
CAS का सबसे महत्वपूर्ण असर शेयर के दैनिक Closing Price पर पड़ सकता है।
जिन शेयरों पर CAS लागू होगा, उनका क्लोजिंग प्राइस CAS में बनने वाले Equilibrium Price के आधार पर निर्धारित होगा। यदि किसी कारण से Equilibrium Price निर्धारित नहीं हो पाता है, तो निर्धारित Reference Price को Closing Price माना जाएगा।
इस बदलाव का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि किसी शेयर का Closing Price अगले कारोबारी दिन के कई महत्वपूर्ण आंकड़ों और प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होता है।
NSE पर आज की मॉक ट्रेडिंग में क्या हो रहा है?
NSE के 1 अगस्त के टेस्ट शेड्यूल में कई अलग-अलग Trading Sessions रखे गए हैं। इनमें Primary Site और Disaster Recovery (DR) Site से टेस्टिंग शामिल है।
NSE के शेड्यूल के अनुसार, एक प्रमुख CAS टेस्टिंग चरण में:
- CAS Open: 11:35 बजे
- CAS Market Order Restriction: 11:40 बजे
- CAS Close: 11:45 बजे
इसके बाद एक अन्य टेस्ट सेशन में:
- CAS Open: 3:20 बजे
- CAS Market Order Restriction: 3:25 बजे
- CAS Close: 3:30 बजे
ये समय मॉक ट्रेडिंग के टेस्ट शेड्यूल के हैं, वास्तविक 3 अगस्त के लाइव मार्केट टाइमिंग को इनसे नहीं मिलाना चाहिए।
3 अगस्त से क्या बदलेगा?
सबसे अहम तारीख 3 अगस्त 2026 है। NSE ने स्पष्ट किया है कि Equity Segment में CAS से संबंधित Trading Modalities इसी तारीख से LIVE होंगी।
इस बदलाव के बाद शेयर बाजार के आखिरी हिस्से में ट्रेडिंग और Closing Price Discovery की प्रक्रिया पहले की तुलना में अलग होगी।
CAS का उद्देश्य मुख्य रूप से बेहतर Price Discovery, Closing Price में पारदर्शिता और बाजार के अंतिम भाव को ऑर्डर के संतुलन के आधार पर निर्धारित करना है।
F&O ट्रेडिंग पर भी पड़ेगा असर
CAS केवल Cash Equity तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ Equity Derivatives Segment में भी कुछ बदलाव किए जा रहे हैं।
NSE की गाइडलाइंस के मुताबिक, Stock Futures के लिए भी Reference Price और Price Band की प्रक्रिया CAS के साथ align की जाएगी। Stock Futures के लिए 3:00 PM से 3:15 PM की अवधि के ट्रेड्स के VWAP को Reference Price निर्धारित करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
NSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि Options की Price Band और Limit Price Protection की मौजूदा methodology में CAS के कारण बदलाव नहीं किया जाएगा।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
रिटेल निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज की मॉक ट्रेडिंग में दिखने वाले भाव वास्तविक बाजार भाव नहीं हैं। NSE के मुताबिक, Mock Trading के दौरान होने वाले ट्रेड्स से कोई वास्तविक Fund Pay-in या Pay-out नहीं होगा।
3 अगस्त से CAS लाइव होने के बाद निवेशकों को खासकर बाजार के अंतिम हिस्से में बनने वाले भाव और ऑर्डर प्रक्रिया पर ध्यान देना होगा।
हालांकि, CAS का उद्देश्य निवेशकों को परेशान करना नहीं, बल्कि बाजार के Closing Price Discovery सिस्टम को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
आखिर क्यों खास है आज का दिन?
1 अगस्त की मॉक ट्रेडिंग को 3 अगस्त के बड़े बदलाव से पहले अंतिम टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है। NSE और BSE दोनों अपने सिस्टम, ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर और मार्केट डेटा से जुड़े तकनीकी बदलावों की जांच कर रहे हैं।
NSE ने CAS के लिए नया NEAT+ 7.8.9 वर्जन उपलब्ध कराया है, जबकि BSE ने CAS से संबंधित Market Data API में भी बदलाव किए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सोमवार से जब नया सिस्टम लाइव हो, तो ट्रेडिंग सदस्यों और उनके प्लेटफॉर्म पर कारोबार में किसी तरह की तकनीकी परेशानी न आए।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार में Closing Auction Session (CAS) की शुरुआत एक महत्वपूर्ण तकनीकी और बाजार-संरचना बदलाव है। आज शनिवार को होने वाली मॉक ट्रेडिंग इसके अंतिम परीक्षण का हिस्सा है। 3 अगस्त 2026 से CAS Equity Cash Segment में लाइव होगा, जिसकी शुरुआत चरणबद्ध तरीके से उन शेयरों से होगी जिनमें डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध हैं।

