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कई जीव जंतू हैं जिनसे सावधान रहने की ज़रूरत

सावधान रहने की ज़रूरत

बारिश के दिनों में लाल चीटियों का प्रकोप आप ज़्यातर घरों में देखेंगे जिनके काटने से दर्द तो होता ही है साथ ही जलन सूजन और कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा भी कई जीव जंतू हैं जिनसे सावधान रहने की ज़रूरत है।

बढ़ता है मक्खियों का कहर

बारिश के मौसम में मक्खियां भी खूब परेशान करती हैं। वे आपके मुंह और कान के आसपास भिनकने के साथ आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन पर कई कीटाणु मौजूद होते हैं। इस वजह से आपको मौसमी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इस वक्त खाने आदि सामान को अच्छे से ढाक कर ही रखें।

बरसात में घरों में लाल चीटियां बहुत हो जाती हैं। जो अगर काट लें, तो स्किन पर जलन, सूजन और अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ये एक साथ बड़ी संख्या में होती हैं और एक बार आपके घर में आ जाएं, तो उनको निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है।

सांप से रहें बचकर

बरसात आते ही मच्छरों की तादाद तेज़ी से बढ़ने लगती है। मच्छर कई तरह की बीमारियों का कारण बन आपकी परेशानी बढ़ाने का काम करते हैं। हालांकि, मच्छरों के अलावा भी कई जीव-जंतु हैं, जिनका ख़तरा इस दौरान बढ़ जाता है। इन जीवों से भी आपको बचने की ज़रूरत होती है, नहीं तो यह आपके लिए समस्या का कारण बन सकते हैं।

ऐसे में जानते हैं कि वो कौन-कौन से जीव हैं, जिनका बरसात के वक्त ख़तरा काफी बढ़ जाता है

मानसून में मच्छर के बाद सबसे ज्यादा जिस जीव से बचा जाना चाहिए, वो है सांप। बारिश के वक्त सांप बिल से बाहर आ जाते हैं और जहां हल्की घास या हरियाली होती है, वहां डेरा जमा लेते हैं। ऐसे में आपको बढ़ी हुई घांस या हरियाली वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। अगर किसी को सांप काट भी लेता है तो आपको बिना घबराए फौरन डॉक्टर के पास जाना चाहिए और जहां सांप ने काटा है उसके दोनों तरफ कसकर पट्टी बांध देनी चाहिए।

बिच्छू

बिच्छू एक ऐसा जानवर है, जो ख़तरा देखते ही डंक मारता है। इसके काटने पर काफी दिक्कत हो सकती है। कई बार सही समय पर इलाज ना होने पर इंसान की मौत भी हो जाती है। बारिश की वजह से बिच्छू आसानी से दिख जाते हैं और उनके काटने की संभावना भी बढ़ जाती है।

सेंटीपीड भी होता है विषैला

एक और भयानक व ज़हरीला जीव जो बारिश में ज़्यादा दिखता है, वह है सेंटीपीड। इसलिए बारिश या फिर बाढ़ वाले क्षेत्रों में घूमते वक्त बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। सेंटीपीड का विष बहुत विषैला होता है। अगर किसी व्यक्ति को काट लें तो उसे दर्द, सूजन, रेडनेस, सुन्नता का अनुभव हो सकता है। गंभीर एलर्जी के मामलों में, उल्टी, सिरदर्द, काटे गए क्षेत्र के आसपास पैरालिसिस हो सकता है और यहां तक कि दिल की धड़कने भी रुक सकती हैं।

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