वजाइनल ड्राइनेस की समस्‍या से छुटकारा पाने के ल‍िए जानें कुछ आसान उपाय-

सर्विक्स पर वजाइनल नमी बनाता है जिससे वजाइना नम रहती है। नमी से वजाइनल त्‍वचा पर मौजूद डेड सेल्‍स हट जाते हैं। इससे वजाइना स्‍वस्‍थ्‍य रहती है। वजाइना में पर्याप्‍त नमी न बनी रहने के कारण वजाइनल इंफेक्‍शन की  समस्‍या हो सकती है। अगर वजाइना में नमी की कमी है, तो सूखापन महसूस होगा। मौसम में नमी के कारण ये समस्‍या सर्द‍ियों में ज्‍यादा होती है। वजाइना में सूखापन होने पर जलन, खुजली, सूजन, ब्‍लीड‍िंग, महसूस हो सकती है। वजाइना ज्‍यादा रूखी है, तो पेशाब करते समय तेज दर्द हो सकता है। इससे मह‍िलाओं की सामान्‍य जीवनशैली भी प्रभाव‍ित हो सकती है। इस लेख में हम जानेंगे सर्दि‍यों में वजाइना के ज्‍यादा सूखे होने के कारण और सही इलाज। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोज‍िस्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।

वजाइना में सूखापन के कारण-  

  • सर्द‍ियों में ज्‍यादा कसरत करने के कारण वजाइना में सूखापन आ जाता है। 
  • जो मह‍िलाएं धूम्रपान या शराब का सेवन करती हैं उन्‍हें भी वजाइनल ड्राइनेस की समस्‍या हो सकती है।  
  • अगर हाल ही में कीमोथेरेपी से गुजरी हैं, तो इसका असर अंडाशय पर पड़ता है और वजाइना में रूखापन महसूस हो सकता है। 
  • हार्मोनल बदलावों के कारण सर्दि‍यों में वजाइनल ड्राइनेस हो सकती है।
  • मेनोपॉज के कारण भी वजाइना में सूखापन महसूस हो सकता है।    

1. मेड‍िटेशन करें

वजाइना में सूखेपन का कारण ज्‍यादा तनाव लेना भी हो सकता है। जो मह‍िलाएं ज्‍यादा स्‍ट्र्रेस में रहती हैं, उन्‍हें सर्द‍ियों के द‍िनों में वजाइना की ड्राइनेस का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसल‍िए होता है क्‍योंक‍ि तनाव लेने से एस्‍ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है। इस समस्‍या से छुटकारा पाने के ल‍िए मेड‍िटेशन करें। ध्‍यान करने से तनाव कम होता है। ज‍िन मह‍िलाओं को हाई बीपी (High BP) की समस्‍या है, उन्‍हें डॉक्‍टर की सलाह पर ही मेड‍िटेशन करना चाह‍िए। 

2. सर्द‍ियों में दवाओं के ज्‍यादा सेवन से बचें 

ठंड के द‍िनों में वजाइना के सूखेपन से परेशान हैं, तो दवाओं का सेवन कम से कम करें। ज्‍यादा दवाओं का सेवन करने से वजाइना के ट‍िशू सूखने लगते हैं। इससे वजाइना में शुष्‍की आ जाती है। इसके अलावा ज्‍यादा साबुन बॉडी वॉश के इस्‍तेमाल से भी वजाइना की त्‍वचा में रूखापन बढ़ जाता है। इस समस्‍या का इलाज करने के ल‍िए केम‍िकल्‍स का इस्‍तेमाल त्‍वचा पर कम से कम करें।  

3. नार‍ियल पानी प‍िएं 

ज्‍यादा गरम कपड़े पहनने के कारण भी वजाइना में ड्राइनेस आ जाती है। इसे दूर करने के ल‍िए नारि‍यल पानी का सेवन करें। नार‍ियल पानी का सेवन करने से शरीर हाइड्रेट रहता है और योन‍ि में ड्राइनेस की समस्‍या से छुटकारा म‍िलता है। नार‍ियल पानी में न्‍यूट्र‍िएंट्स की भरपूर मात्रा होती है। ये वजाइना में पैदा होने वाले हान‍िकारक बैक्‍टीर‍िया को पनपने नहीं देते।  

4. हरी सब्‍ज‍ियां खाएं 

सर्द‍ियों के द‍िनों में हरी सब्‍ज‍ियों का सेवन करें। इनमें पालक, मेथी, बथुआ, मूली के पत्ते और ब्रोकली आद‍ि शाम‍िल हैं। इन सब्‍ज‍ियो में एंटीऑक्‍सीडेंट्स की मात्रा मौजूद होती है। इसका सेवन करने से वजाइना का सूखापन दूर होता है।

5. पैल्व‍िक फ्लोर व्‍यायाम करें

पैल्‍व‍िक व्‍यायाम करने के ल‍िए जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। पेल्‍व‍िक फ्लोर की मांसपेश‍ियों को पांच सेकेंड के ल‍िए स‍िकोड़ें और ऊपर उठाएं। फ‍िर पेल्‍व‍िक फ्लोर की मसल्‍स को धीरे से खींचें। फ‍िर मसल्‍स को ढीला छोड़ दें। इस प्रक्रिया को 10 से 20 बार दोहराएं। इस कसरत को द‍िन में 2 से 3 बार कर सकते हैं।

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