UP में बना भारत का पहला Export-Import Shipping Container, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया अनावरण

लखनऊ/उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश ने देश के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उत्तर प्रदेश में निर्मित भारत के पहले Export-Import Shipping Container का विधिवत अनावरण किया। इस उपलब्धि को देश की आत्मनिर्भरता, मेक इन इंडिया अभियान और वैश्विक व्यापार को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह पहली बार है जब भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्यात-आयात के लिए उपयोग होने वाले शिपिंग कंटेनर का निर्माण किया गया है। अब तक ऐसे कंटेनरों के लिए भारत काफी हद तक विदेशी कंपनियों पर निर्भर था।

भारत को मिलेगी बड़ी आत्मनिर्भरता

इस परियोजना के शुरू होने से भारत को कंटेनर आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। घरेलू स्तर पर कंटेनर निर्माण होने से निर्यातकों और आयातकों को कम लागत, तेज उपलब्धता और बेहतर सप्लाई चेन का लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाएगी और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

सर्बानंद सोनोवाल ने क्या कहा

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को मजबूत करने की दिशा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ रहा है और घरेलू स्तर पर शिपिंग कंटेनर निर्माण से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई गति मिलेगी।

उत्तर प्रदेश को मिलेगा बड़ा औद्योगिक लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में—

  • नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
  • लॉजिस्टिक्स उद्योग का विस्तार होगा।
  • निर्यात कारोबार को गति मिलेगी।
  • विदेशी निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी।

क्या होता है Export-Import Shipping Container?

Export-Import Shipping Container ऐसे विशेष स्टील कंटेनर होते हैं जिनका उपयोग समुद्री जहाजों, रेल और ट्रकों के माध्यम से सामान के सुरक्षित परिवहन में किया जाता है। ये अंतरराष्ट्रीय ISO मानकों के अनुसार तैयार किए जाते हैं ताकि दुनिया के किसी भी बंदरगाह पर आसानी से इस्तेमाल किए जा सकें।

भारत को क्यों थी इसकी जरूरत?

भारत दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक देशों में तेजी से शामिल हो रहा है, लेकिन लंबे समय तक शिपिंग कंटेनरों के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भरता बनी रही। कोविड-19 के दौरान कंटेनरों की भारी कमी से वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ था। ऐसे में देश में कंटेनर निर्माण शुरू होना रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू कंटेनर निर्माण से—

  • कंटेनरों की उपलब्धता बढ़ेगी।
  • आयात पर खर्च कम होगा।
  • निर्यात प्रक्रिया तेज होगी।
  • लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
  • भारत वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत स्थिति हासिल करेगा।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में भारत के पहले Export-Import Shipping Container का निर्माण और उसका अनावरण देश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे न केवल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी अपनी स्थिति और सशक्त बना सकेगा।

Related Articles

Back to top button